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‘मैं तो DJ लेकर आता…’ प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा पर धीरेंद्र शास्त्री बोले- विरोध करने वाले दानव हैं

हाल ही में वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा के दौरान स्थानीय निवासियों ने तेज आवाज में बजने वाले भजनों और ढोल-नगाड़ों के कारण आपत्ति जताई थी. इसका नतीजा यह हुआ कि प्रेमानंद महाराज को अपनी रात्रि की यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा. इस घटना के बाद देशभर के संतों और भक्तों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान खासा विवादित हो गया. अब इस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

एक यूट्यूब चैनल के इंटरव्यू में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा पर फिर सवाल किया गया. उन्होंने कहा, ‘प्रेमानंद महाराज एक महापुरुष हैं, ब्रज में कुछ विशेषताएं हैं जो दर्शनीय हैं. उनका यात्रा का विरोध करने वाले लोग मानव नहीं, दानव हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि ब्रजवासियों को यह समझना चाहिए कि जो भी धार्मिक यात्रा होती है, वह भगवान के नाम से होती है और इसमें कोई बुराई नहीं है.

तो हम DJ लेकर जाते…

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर वह व्यस्त नहीं होते तो वह भी प्रेमानंद महाराज की यात्रा में शामिल होते और DJ लेकर जाते. उनका कहना था कि कृष्ण के धाम में यज्ञ, भजन और पुण्य कार्यों से किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. यह सब यहीं होना चाहिए, न कि लाहौर में.

बृजवासियों का गुस्सा क्यों फूटा?

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पहले दिए बयान के बाद वृंदावन के परशुराम पार्क में राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ और विभिन्न संगठनों के लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज स्वयं बृजवासियों का सम्मान करते हैं, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने उनके सहारे से बृजवासियों का अपमान किया है.

वृंदावन के स्थानीय लोग यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा का विरोध नहीं किया था, बल्कि उनकी यात्रा में शामिल होने वाले बैंड बाजे और पटाखों के कारण उन्हें परेशानी हो रही थी. बृजवासियों का कहना है कि उन्होंने केवल शांति बनाए रखने के लिए इस तरह के शोर-शराबे का विरोध किया था.

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा के दौरान जब धीरेंद्र शास्त्री ने विरोध करने वालों को ‘दानव’ कहा, तो बृजवासी आक्रोशित हो गए. उनके अनुसार, यह शब्द उनके लिए अपमानजनक था क्योंकि वे सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे. इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है, और अब यह देखना है कि इस विवाद का क्या हल निकलता है.

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