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मस्जिदें नमाज के लिए हैं, हिंसा के लिए नहीं… बवाल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मुसलमानों को दो टूक

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बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ के अभियान में हुए विवाद और पुलिस कार्रवाई पर सूबे में सियासत तेज हो गई है. जहां कई संगठनों और अधिकार समूहों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे मुस्लिम समुदाय को डराने और विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास बताया है, वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को कहा कि मस्जिदें नमाज के लिए होती हैं, सड़क पर हिंसा के लिए नहीं.

सहारनपुर में पत्रकारों से बात करते हुए, मसूद ने मुसलमानों से अपील की कि वे मोहम्मद के सिद्धांतों का पालन करके उनके प्रति प्रेम दिखाएं, न कि सड़कों पर हंगामा करके.

मसूद का ये बयान मौलाना तौकीर रजा की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने लोगों को ‘आई लव मोहम्मद’ के खिलाफ देशभर में हो रही कार्रवाई के विरोध में डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए शहर के इस्लामिया ग्राउंड बुलाया था. इस्लामिया ग्राउंड जा रहे लोगों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद ये प्रदर्शन हिंसक हो गए थे.

मस्जिदें नमाज के लिए, हिंसा के लिए नहीं- इमरान मसूद

शुक्रवार को जुमे के नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड के लिए निकली भीड़ पर बोलते हुए इमरान मसूद ने कहा, “मस्जिदें नमाज के लिए होती हैं, सड़क पर हिंसा के लिए नहीं. हर मुसलमान मोहम्मद से प्रेम करता है और इसे व्यक्त करने के लिए हंगामा करने की कोई ज़रूरत नहीं है.”

सांसद ने कहा, “मैं मोहम्मद से प्रेम करता हूं. मोहम्मद मेरे जीवन का उद्देश्य हैं. सच्चा प्रेम उनके सिद्धांतों और आदर्शों का पालन करने में है, न कि सड़कों पर हंगामा करने में.”

क्यों शुरू हुआ ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान?

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कानपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे बैनरों को लेकर शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब देशव्यापी कार्रवाई में बदल गई है.

यह कार्रवाई कानपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान दर्ज की गई एक FIR बाद शुरू हुई थी. जहां पुलिस ने ‘आई लव मोहम्मद’ का बैनर लगाने पर मामला दर्ज किया था. पुलिस के इस कदम के विरोध में ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान देश के कई शहरों में फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने और शिकायतें दर्ज की हैं और दर्जनों गिरफ्तारियां हुई हैं.

मोहम्मद ने मानवता का उपदेश दिया- इमरान मसूद

‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के दौरान हुई झड़पों का ज़िक्र करते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा कि यह किसी भी हालत में उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि मोहम्मद ने हिंसा का नहीं, बल्कि मानवता का उपदेश दिया था और इसे रोका जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मौलानाओं को भी आगे आकर इसे रोकना चाहिए.

न्याय की देवी की आंखों पर से पट्टी हटा दी गई है- इमरान मसूद

दशहरा पर एक सवाल के जवाब में मसूद ने कहा कि यह त्योहार सत्य की विजय का प्रतीक है, लेकिन न्याय की देवी की आंखों पर से पट्टी हटा दी गई है. उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी आवाज उठाने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है.

मौलाना तौकीर रज़ा को किया गिरफ्तार

बरेली पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को सात अन्य लोगों के साथ शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. एक दिन पहले उन्हें आठ अन्य लोगों के साथ घर में नजरबंद रखा गया था. वहीं पुलिस ने शुक्रवार को हुई हिंसा के खिलाफ जिलेभर के विभिन्न थानों में 10 FIR दर्ज की हैं.

अधिकारियों के मुताबिक हर FIR में 150-200 लोगों के नाम हैं, तथा सामूहिक रूप से सैकड़ों लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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