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बिलासपुर में IPTV और OTT सर्विस के नाम पर ₹22 लाख की बड़ी ठगी, कैटविजन लिमिटेड पर FIR

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बिलासपुर में आईपीटीवी (IPTV) और ओटीटी (OTT) सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर एक स्थानीय केबल नेटवर्क कंपनी से ₹22 लाख की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है।

पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने कैटविजन लिमिटेड (Catvision Limited) कंपनी और उसके अधिकृत अधिकारियों व प्रतिनिधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

🏢 सीसीएन एंटरटेनमेंट इंडिया ने दर्ज कराई शिकायत, वेयरहाउस रोड पर है दफ्तर

शिकायतकर्ता और संस्थान का विवरण:

  • शिकायतकर्ता की पहचान: सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि मामले में सीसीएन एंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई है।

  • कंपनी का कार्यक्षेत्र: कंपनी का मुख्य कार्यालय बिलासपुर के वेयरहाउस रोड पर स्थित है, जो बिलासपुर शहर और आसपास के अंचल में केबल नेटवर्क के जरिए टीवी चैनलों के प्रसारण का कार्य करती है।

  • आरोपी प्रतिनिधि: शिकायत के अनुसार कैटविजन लिमिटेड के प्रतिनिधि अंकुर, दिलीप, राजेश और अन्य अधिकारियों ने बिलासपुर दफ्तर आकर संपर्क किया था और उच्च गुणवत्ता वाली आईपीटीवी-ओटीटी सेवाएं शुरू कराने का भरोसा दिया था।

💳 तीन किस्तों में ट्रांसफर किए गए कुल ₹22 लाख, उपकरण लगाकर छोड़े

वित्तीय लेन-देन और धोखाधड़ी का पूरा घटनाक्रम:

  • पहली किस्त (₹10 लाख): 24 सितंबर 2021 के परचेज ऑर्डर के आधार पर शिकायतकर्ता ने 26 अक्टूबर 2021 को एनपीसीआई (NPCI) बैंक ट्रांसफर के माध्यम से ₹10 लाख की पहली राशि ऑनलाइन भेजी। इसके बाद कंपनी ने कुछ बुनियादी उपकरण औपचारिक रूप से लगाए, लेकिन सेवा शुरू नहीं की।

  • दूसरी किस्त (₹10 लाख): लगभग चार महीने बाद तकनीकी उपकरणों की अनिवार्यता बताते हुए और राशि मांगी गई, जिस पर शिकायतकर्ता ने 16 मार्च 2022 को चेक के जरिए ₹10 लाख का दूसरा भुगतान किया।

  • तीसरी किस्त (₹2 लाख): इसके बाद 15 अक्टूबर 2022 को ₹2 लाख का अतिरिक्त भुगतान चेक के माध्यम से कराया गया।

⏳ 4 साल बीतने के बाद भी नहीं शुरू हुई सर्विस, ईमेल-कॉल पर टालमटोल

कंपनी का असहयोगात्मक रवैया और पुलिसिया कार्रवाई:

  • लापरवाही और टालमटोल: कुल ₹22 लाख का अग्रिम भुगतान प्राप्त करने के बावजूद करीब 4 साल बीत जाने तक सेवा चालू नहीं की गई।

  • संतोषजनक जवाब नहीं: शिकायतकर्ता द्वारा लगातार फोन और आधिकारिक ईमेल के जरिए संपर्क किए जाने पर भी कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और लगातार बहाने बनाते रहे।

  • जांच शुरू: सिविल लाइन थाना पुलिस ने सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और पत्राचार की जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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