Logo
ब्रेकिंग
सांझवीर टाईम्स के प्रतिष्ठा अलंकरण समारोह में जिले की 22 विभूतियां सम्मानित आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित
Header Ad

पंजाब में कई कारोबारी जांच के घेरे में, High Court ने दिए यह सख्त आदेश

लुधियाना: मानयोग पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई पर करते डीजीपी ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन ने जीएसटी विभाग को 70 फर्मो की जांच करने के लिए कहा है। इस संबंध में खन्ना पुलिस की तरफ से कश्मीर गिरी के बयान पर दो लोगों सोनीसोनी व रविंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था । शिकायतकर्त्ता का आरोप था कि मंडी गोविंद गढ़, लुधियाना व खन्ना के कुछ लोगों की तरफ से ग्रुप बना कर बडे स्तर पर बोगस बिलिंग की जा रही है । उक्त मामला पुलिस के आधा अधिकारियों की तरफ से की गई जांच के बाद दर्ज हुआ था । इस संबंध में शिकायतकर्त्ता ने मानयोग हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि इन लोगों की तरफ से करीब 900 करोड़ रुपए की बोगस बिलिंग फर्जी फमें बना कर दी गई है । उक्त फर्मे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोली गई है । जिनमें सोने, लोहे व लोहे की स्क्रैप की बोगस बिलिंग कर जीएसटी व सीजीएसटी विभाग को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है । लेकिन जीएसटी विभाग को कई बार शिकायत देने के बाद भी अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई ।

19 लोगों को किया जा सकता है नामजद

मानयोग हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद फतेहगढ़ पुलिस की तरफ से स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम गठित की गई है । शिकायतकर्त्ता की तरफ से इस संबंध में 19 लोगों के नाम दिए गए है, जो कि फर्जी फर्मे बना कर जीएसटी विभाग को चूना लगा रहे थे । उनका आरोप है कि विभाग से जीएसटी नंबर लेने के लिए इन लोगों की तरफ से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए है और आधार कार्ड पर फोटो बदल कर विभाग को दिए गए है । इतना ही नहीं इन लोगों के साथ एक प्रमुख प्राइवेट बैंक के कर्मियों के मिले होने की संभावना है  क्योंकि इन लोगों की तरफ से एक ही बैंक की दो अलग अलग ब्रांचों में खाते खुलवा कर हर रोज करोड़ों रुपए की ट्राजेक्शन की जा रही थी । इस संबंध में इन फर्मो के चैक भी शिकायतकर्त्ता की तरफ से विभाग को दिए गए है ।

महीने में की जाए रिपोर्ट पेश

मानयोग कोर्ट के आदेशों पर डीजीपी ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन की तरफ से जीएसटी विभाग के अधिकारियों को इन 70 फर्मो की जांच के बाद एक महीने में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है । जांच के बाद फर्जी फर्मे बना कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, टैक्स वसूल करने या एफआईआर दर्ज करने के लिए भी कहा गया है । इन फर्मो में कुछ सीजीएसटी विभाग से रजिस्ट्रड करवाई गई फर्मे भी शामिल है । विभाग ने सीजीएसटी विभाग को भी इन फर्मो की जांच करने के लिए कहा गया है । शिकायतकर्त्ता का आरोप है कि इस मामले में हवाला कारोबार का भी खुलासा होने की संभावना है ।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.