Logo
ब्रेकिंग
सिविल जज बनने के बाद भी नहीं डिगा वैराग्य का संकल्प, प्रखरश्री ने चुना मोक्ष का मार्ग बैतूल बनेगा खेलो का हब, कुकरु को मिनी शिमला बनाने की तैयारी,हेमंत खंडेलवाल के प्रयास रंग लाए, मिली 4... जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज...
Seva Mitra
Header Ad

ग्वालियर नगर निगम के नए कमिश्नर होंगे 2018 बैच के IAS अभिषेक चौधरी, संघ प्रिय का सिंगरौली तबादला

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर नगर निगम के प्रशासनिक नेतृत्व की कमान एक बार फिर युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी के हाथों में सौंपी गई है। राज्य शासन द्वारा किए गए नवीनतम प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2018 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी अभिषेक चौधरी को ग्वालियर नगर निगम का नया निगमायुक्त (कमिश्नर) नियुक्त किया गया है। अभिषेक चौधरी 24 अगस्त को आधिकारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं।

📋 IAS संघ प्रिय का सिंगरौली तबादला, डेढ़ साल के कार्यकाल में लिए कई बड़े फैसले

कार्यकाल की समीक्षा और नई पदस्थापना:

  • नई जिम्मेदारी: आईएएस अमन वैष्णव के बाद ग्वालियर नगर निगम आयुक्त का पद संभालने वाले आईएएस संघ प्रिय का तबादला अब सिंगरौली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर किया गया है।

  • चुनौतियों भरा सफर: उन्होंने ग्वालियर में डेढ़ साल से अधिक का कार्यकाल कई प्रशासनिक व मैदानी चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक पूरा किया।

  • सख्त कार्यशैली: गंभीर प्रशासनिक शिकायतों और लापरवाही के मामलों में तत्काल व सख्त एक्शन लेने के लिए संघ प्रिय अपने पूरे कार्यकाल में चर्चा में रहे।

🧹 10 साल बाद ठेकेदारी प्रथा खत्म: सीवर सफाई सीधे निगम के नियंत्रण में लाए संघ प्रिय

प्रमुख उपलब्धियां और प्रमुख चुनौतियां:

  • सीवर व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: आईएएस संघ प्रिय के कार्यकाल का सबसे बड़ा और अहम फैसला लगभग 10 वर्ष बाद सीवर सफाई व्यवस्था को निजी ठेकेदारी प्रथा से मुक्त कराकर सीधे नगर निगम के सीधे नियंत्रण में लाना रहा।

  • संसाधनों का सुदृढ़ीकरण: शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आधुनिक संसाधनों और वाहनों की कमी को दूर करने के निरंतर प्रयास किए गए।

  • मैदानी अमले की चुनौती: हालांकि, संसाधनों के विस्तार के बावजूद मैदानी अमले की लापरवाही और निगरानी का अभाव उनके कार्यकाल में लगातार एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनी रही।

Comments are closed.