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गजब हाल! घर से चल रही डॉक्टर मैडम की ड्यूटी, अस्पताल में लग रही अटेंडेस; रजिस्टर देख अधिकारी भी हैरान

उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आए हैं, जहां पर बिना सरकारी हॉस्पिटल पर आए हुए महिला डॉक्टर सैलरी लेती हैं. यहां तक की इस महिला डॉक्टर आकृति दुबे का अटेंडेंस रजिस्टर पर सिग्नेचर भी हो जाता है. सिग्नेचर कौन बनाता है, कैसे बनता है, कब बनता है? यह किसी को भी पता नहीं चलता है. मैडम को घर बैठे सैलरी मिल जाती है और विभाग के अधिकारी ऑफिस में बैठकर कुर्सी तोड़ते हुए नजर आते हैं.

दरअसल, देवरिया जिले के लीलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इस कारनामे ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार कर दिया है, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लीलापुर पर तैनात महिला डॉक्टर आकृति दुबे हॉस्पिटल नहीं आती हैं. अटेंडेंस रजिस्टर पर उनके सिग्नेचर बन जाता है और सैलरी भी रिलीज हो जाती है. यहां तक की अस्पताल के स्टाफ का साफ तौर पर कहना है कि डॉक्टर मैडम कब आती हैं उनको किसी ने देखा नहीं है.

फर्जी तरीके से ले रहीं सैलरी

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो वहां के चिकित्सक हैं. क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं होती है कि महिला चिकित्सक का सिग्नेचर अटेंडेंस रजिस्टर पर कौन बनाता है? जब यह मामला उजागर हुआ तो जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों में खलबली मच गई. अधिकारी जांच पड़ताल की बात करने लगते हैं. राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है. अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी देवरिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश कुमार झा के कान में जू तक नहीं रेंगता है. अब देखना यह है कि वह इस महिला डॉक्टर के खिलाफ कब कार्रवाई होती है. वेतन रिक्वरी के लिए आदेश जारी करते हैं या एक बार फिर इस मामले में उदासीन रवैया अपनाया जाता है.

मरीज इलाज कराने के लिए हैं स्वास्थ्य केंद्र लीलापुर पर आते हैं, लेकिन महिला डॉक्टर ड्यूटी से नदारद रहती हैं. वहीं अस्पताल में आए हुए मरीजों साफ तौर पर कहना है कि हम महिला डॉक्टर आकृति दुबे से इलाज कराने के लिए अस्पताल पर आते हैं. लेकिन वो मिलती ही नहीं हैं. जब भी हम इलाज कराने के लिए आते हैं तो पता चलता है कि महिला डॉक्टर आज नहीं आई है.

अटेंडेंस रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर

लीलापुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला डॉक्टर आकृति दुबे ड्यूटी करने के लिए नहीं आती है. हॉस्पिटल और उनका प्रतिदिन सिग्नेचर किया जाता है और सैलरी भी मिल रही है. वह घर बैठकर सैलरी ले रही हैं. मिली जानकारी के अनुसार, उनका फर्जी सिग्नेचर अस्पताल के कर्मचारी के द्वारा ही बनाया जाता है. वही इस मामले की जांच भी चल रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं है की देवरिया के सीएमओ के संरक्षण में महिला डॉक्टर घर बैठे सैलरी लेती है.

मामले को लेकर अधीक्षक ने दी जानकारी

वहीं इस मामले को लेकर अधीक्षक डॉक्टर मनीष कुमार सिंह ने कहा कि लीलापुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला डॉक्टर आकृति दुबे नहीं आती है. उनका फर्जी हस्ताक्षर अटेंडेंस रजिस्टर पर हो रहा है, यह कैसे हो जाता है. इसकी जांच की जा रही है.

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