
क्यों हिज्ब-उत-तहरीर का गढ़ बन रहा मध्य प्रदेश? संदिग्ध के पास मिले डिवाइस, दस्तावेज और धार्मिक साहित्य
क्या मध्य प्रदेश HUT यानी हिज्ब-उत-तहरीर का गढ़ बनता जा रहा है? ये सवाल इसलिए है क्योंकि बीते दो-तीन सालों में मध्य प्रदेश में ATS और NIA ने कई आतंकी गिरफ्तार किए हैं जो HUT से जुड़े हुए थे. भोपाल में एक बार फिर NIA और मध्य प्रदेश ATS ने दो संदिग्ध आतंकियों को हिरासत में लिया है. इसमें से एक मोहसिन आतंकियों के लिए फंड जुटाने का काम करता था.
मई 2023 में हुई थी बड़ी कार्रवाई
9 मई 2023: मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल, छिंदवाड़ा और तेलंगाना में बड़ी कार्रवाई करते हुए हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) के 16 संदिग्ध सदस्यों को हिरासत में लिया. इनमें से 10 संदिग्ध भोपाल से, एक छिंदवाड़ा से और 5 तेलंगाना से गिरफ्तार किए गए थे.
11 मई 2023: एटीएस ने खुलासा किया कि पकड़े गए लोग भोपाल से सटे जंगलों में ट्रेनिंग कैंप लगाते थे.
19 मई 2023: भोपाल कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच 16 संदिग्ध आतंकियों को पेश किया गया. इनमें से 10 संदिग्धों को कोर्ट ने 24 मई तक एटीएस को रिमांड पर सौंप दिया, जबकि 6 की रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपियों ने हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाया था और अन्य हिंदू युवतियों को भी इस्लाम कबूल करवाकर उनसे शादी की थी. इनके पास से देश विरोधी कई दस्तावेज भी बरामद हुए थे.
भोपाल सेंट्रल जेल में कितने कुख्यात आतंकी बंद
| आतंकी संगठनों के नाम | सेंट्रल जेल में आतंकियों की संख्या |
| SiMi | 23 आतंकी |
| PFI | 21 आतंकी |
| Hut | 17 आतंकी |
| JMB | 4 आतंकी |
| SISI | 4 आतंकी |
अक्टूबर 2024 में प्रतिबंध
अक्टूबर 2024: केंद्र सरकार ने हिज्ब-उत-तहरीर को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया.एनआईए ने इस संगठन के 17 सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें उन पर भोले-भाले लोगों को आतंक की राह पर चलने के लिए उकसाने और शरिया कानून लागू करने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया. यह भी सामने आया कि वे आईएसआईएस के लिए फंड जुटा रहे थे.
ऐशबाग बना सबसे बड़ा ठिकाना
ताज्जुब की बात है कि भोपाल का ऐशबाग इलाका आतंकियों का गढ़ बन चुका है. यहां बांग्लादेश से लेकर HUT तक के आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. 2023 से लेकर 2025 तक समय-समय पर आतंकी ऐशबाग से गिरफ्तार होते रहे हैं. यहां के लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के कारण हमारा मोहल्ला और समाज दोनों का ही नाम खराब हुआ है.

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