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कोलकाता के रेड रोड पर पहली बार ईद पर नहीं होगी नमाज, सेना ने नहीं दी परमिशन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी होती हैं शामिल

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हर साल की तरह ईद-उल-जुहा के मौके पर रेड रोड (इंदिरा गांधी सरणी) पर नमाज की तैयारियां की जा रही थी. इस नमाज में एक साथ लाखों लोग शामिल होते थे, लेकिन इस बार सेना ने यहां होने वाली नमाज के लिए परमिशन नहीं दी है. मुख्यमंत्री बनने के बाद ममता बनर्जी भी हर साल ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ के दौरान मौजूद रहती हैं. हालांकि परमिशन न मिलने के कारण इस बार सड़क पर नमाज नहीं होगी.

इस साल ईद-उल-फ़ित्र के बाद पहली बार इस जगह पर हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने की सेना से इजाज़त मिली थी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने इजाज़त नहीं दी. आयोजक कोलकाता हाईकोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी इजाज़त नहीं मिली थी. सेना के इस फैसले पर कोलकाता खिलाफत कमिटी ने आपत्ति जताई है.

कमेटी ने कहा कि ऐसी ही स्थिति पिछले साल भी बनी थी, मामला हाईकोर्ट तक गया था और कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि दशकों से यहां शांतिपूर्वक आयोजन होता रहा है, इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती है. कोलकाता की ईद की नमाज़ सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और एकता की प्रतीक रही है, जिसमें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होते हैं.

अनुमति लेने कोर्ट जा सकती है मुस्लिम कमेटी

कोलकाता के रेड रोड पर होने वाली नमाज को लेकर ये दूसरी बार है जब सेना ने परमिशन नहीं दी है. इसके पिछले साल सेना ने परमिशन नहीं दी थी, जिसके बाद कमेटी ने कोर्ट का रुख अख्तियार किया था. सेना की तरफ से नमाज की परमिशन नि मिलने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि मुस्लिम समाज एक बार फिर कोर्ट का रास्ता अख्तियार कर सकता है. हालांकि अब समय कम है. ऐसे में देखना होगा कि आगे क्या फैसला लिया जाता है. सालों से चली आ रही नमाज पर रोक लगती है या फिर कोर्ट से राहत मिलती है.

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