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इंदौर में रेलवे में TTE बनवाने के नाम पर चूड़ी कारोबारी से ₹18.50 लाख की ठगी: पत्नी और ससुराल पक्ष पर फर्जीवाड़े का आरोप

इंदौर (मध्य प्रदेश): शहर में रेलवे में टीटीई (ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर) की नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक चूड़ी कारोबारी से लगभग 18 लाख 50 हजार रुपये ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

पीड़ित का आरोप है कि इस सुनियोजित धोखाधड़ी के जाल में उसकी अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग भी बराबर के साझीदार रहे हैं। आरोपियों ने सरकारी नौकरी का ऐसा मायाजाल बुना कि पीड़ित को वर्षों तक शक तक नहीं होने दिया गया।

📑 दिल्ली DRM ऑफिस से पटना-आसनसोल तक फर्जी ट्रेनिंग का ताना-बाना

फर्जीवाड़े का पूरा घटनाक्रम:

  • सरकारी दफ्तरों का झांसा: आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए दिल्ली स्थित डीआरएम (DRM) कार्यालय और रेलवे अस्पताल तक ले जाकर विभिन्न कागजी औपचारिकताएं व फर्जी मेडिकल टेस्ट कराए।

  • फर्जी ट्रेनिंग कैंप: इसके बाद युवक को पटना और आसनसोल ले जाया गया, जहां उसे रेलवे के नियमों और टिकट चेकिंग से जुड़ी बाकायदा फर्जी ट्रेनिंग तक कराई गई।

  • लाखों की वसूली: नौकरी की पक्की जॉइनिंग का भरोसा दिलाकर अलग-अलग किश्तों में कुल 18.50 लाख रुपये हड़प लिए गए।

💔 फर्जीवाड़ा खुलते ही पत्नी ने दर्ज कराया केस, फिर लिया तलाक

धोखाधड़ी के बाद का घटनाक्रम:

  • भेद खुलने पर विवाद: जब पीड़ित को काफी समय बीत जाने के बाद भी वास्तविक नियुक्ति पत्र नहीं मिला और पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ, तो उसने अपनी रकम वापस मांगी।

  • दहेज प्रताड़ना का केस: ठगी का भेद खुलते ही पत्नी ने पीड़ित और उसके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की झूठी शिकायत दर्ज करा दी।

  • तलाक और कानूनी कार्रवाई: इसके बाद पत्नी ने पीड़ित से कानूनी तौर पर तलाक ले लिया। पीड़ित व्यापारी ने अब पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों से न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।

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