
आज रात 9 बजकर 9 मिनट पर एक अद्भुत खगोलीय घटना हुई, जिसे लिरिड उल्का वर्षा कहा जाता है. इस दौरान लोगों को आसमान में टूटते हुए तारे दिखाई दिए. ज्योतिषीय और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय इच्छाएं मांगने के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं सक्रिय होती हैं और यदि आप अपनी इच्छा को स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं, तो वह पूरी हो सकती है. इसलिए, लोगों ने इस अद्भुत नजारे का आनंद लेने के साथ-साथ रात 9 बजकर 9 मिनट पर अपनी विश भी मांगी.
लिरिड्स मीटिओर शॉवर क्या होता है?
सांइस के अनुसार, जलते हुए ये कण आकाश में प्रकाश की चमकीली लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें हम “टूटते तारे” या “उल्का” कहते हैं. जब एक ही रात में कई उल्का दिखाई देते हैं, तो इसे उल्कापिंड वर्षा कहा जाता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार
आपको बता दें जब कोई तारा टूटता है तो उस वक्त ब्रह्मांड की सभी ऊर्जाएं सक्रिय हो जाती हैं. ऐसे वक्त में माना जाता है कि अगर कोई प्रार्थना या इच्छा बोली जाए तो वो पूरी हो जाती है. यदि आप कोई इच्छा बोलेंगे तो वो पूरी हो सकती है. खासतौर पर 9 बजकर 9 मिनट पर. बता दें कि 2025 को जोड़कर 9 बनता है (2+0+2+5=9) और 9:09 को जोड़कर (9+9=18 = 1+8= 9) बन रहा है .वहीं 9 अंक को मंगल ग्रह से जोड़ते हैं.
9 बजकर 9 मिनट लोगों ने मांगी विश!
एक शांत और अंधेरी जगह पर जाएं जहां से आसमान साफ दिखाई दें. यदि आप 9:09 पर आसमान की तरफ देखते रहें और अपनी आंखें खुली रखें. जब आपको कोई तारा टूटता हुआ दिखाई दे, तो अपनी इच्छा को मन में या धीरे से तीन बार बोलें. अपनी इच्छा को गुप्त रखें और जब तक वह पूरी न हो जाए, किसी को न बताएं. इस खगोलीय घटना के बहुत लोग साक्षी बनें और उन्होंने अपनी विश मांगकर भगवान से प्रार्थना की.

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