Logo
ब्रेकिंग
आने वाली पीढी को सच्चे इतिहास से परिचित कराना आवश्यक - खंडेलवाल, विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस पर परिज... क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Header Ad

राहुल गांधी ने साधा था निशाना, अब सिंधिया ने ग्वालियर की जर्जर सड़कों की उठाई जिम्मेदारी,अधिकारियों को लगाई फटकार

0

मध्य प्रदेश की सियासत में ग्वालियर हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा है. कमलनाथ सरकार गिराने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इस बार वजह है ग्वालियर की जर्जर सड़कें. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में सिंधिया अपने समर्थकों से कहते नजर आ रहे हैं कि शहर की हालत बेहद खराब है. इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे पर सिंधिया को घेरा था. अब शहर की किरकिरी रोकने और विकास की जिम्मेदारी खुद सिंधिया ने उठा ली है.

ग्वालियर की सड़कों का बुरा हाल किसी से छिपा नहीं है. पिछले 10 महीनों में लगातार कई इलाकों में सड़कें धंसने की घटनाएं सामने आईं. सबसे पहले मामला माधव नगर रोड से शुरू हुआ और फिर चेतकपुरी, महल रोड, हुरावली, नाकाचंद्रवदनी, दर्पण कॉलोनी, शब्दप्रताप आश्रम और सिरोल रोड जैसे इलाकों में भी सड़कें धंस गईं. सिर्फ 19 जून से 31 जुलाई के बीच ही कई जगहों पर हालात बिगड़े. बार-बार सड़कें धंसने से शहर की छवि पर सवाल उठने लगे और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. यही कारण है कि अब सिंधिया ने इस मसले को गंभीरता से उठाया है.

समीक्षा बैठक में नाराज दिखे सिंधिया

ग्वालियर के सात दिन के दौरे के अंतिम दिन सिंधिया ने शहर की समस्याओं पर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारी, प्रदेश सरकार के मंत्री, कांग्रेस महापौर और बीजेपी जिलाध्यक्ष मौजूद रहे. बैठक में सिंधिया ने जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई और साफ निर्देश दिए कि तय कार्ययोजना को समय पर पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी.

सांसद की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

बैठक में स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाहा की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा. यह अनुपस्थिति अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गई है. माना जा रहा है कि विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी पर निशाना साध सकता है. ऐसे में सिंधिया पर शहर के विकास और राजनीतिक साख दोनों को संभालने की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.