
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कबूतरों को खाना खिलाने वाली स्कूली छात्रा की याचिका पर बड़ा फैसला दिया है. NGT ने दिल्ली में कबूतरों की बीट से होने वाली पर्यावरणीय और स्वास्थ्य समस्याओं पर फैसला सुनाते हुए एजेंसियों को फटकार लगाई. ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया. कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि कबूतरों की बीट फुटपाथ, सड़कों और ट्रैफिक सिगनलों पर जमा हो रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं.
NGT अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट सदस्य ए. सेंथिल वेल की बेंच ने कहा, कबूतरों को खाना खिलाने और उनकी संख्या बढ़ने से उनकी बीट सड़कों और फुटपाथ पर जमा हो रही है. जब इन जगहों की सफाई होती है तो सूखी बीट धूल के साथ मिलकर हवा में फैलती है, जो पर्यावरण को प्रदूषित करती है और लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है.

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