
बैतूल जिला एक आदिवासी बहुल जिला है जिसकी जनसंख्या लगभग 18 लाख है। जिसमें 10 विकासखंड हैं, इनमें से 07 आदिवासी विकासखंड हैं। जिले में वर्तमान में 01 जिला अस्पताल, 01 सिविल अस्पताल एवं 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जिनके द्वारा जिले के समुदाय को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।
मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले में Tertiary Care (तृतीयक स्तर) की स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान की जा सकेंगी एवं जिले से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को स्थानीय स्तर पर सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। विषय विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्स, स्टाफ एवं स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया, टीबी, मलेरिया, सिकल सेल रोग, गैर-संचारी रोगों तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान एवं उपचार में उल्लेखनीय सुधार होगा।
1. बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ
विशेषज्ञ डॉक्टर – अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टर जिले में उपलब्ध होंगे, जिससे जटिल बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव होगा। तृतीयक स्तर के बड़े एवं जटिल ऑपरेशन भी स्थानीय स्तर पर होंगे।
आधुनिक उपकरण – नए मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक जांच एवं उपचार मशीनें (जैसे CT Scan, MRI, Linear Accelerator) उपलब्ध होंगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा।
अस्पताल का उन्नयन – जिला अस्पताल का उन्नयन होगा और वह मेडिकल कॉलेज से जुड़ जाएगा, जिससे मरीजों की संख्या बढ़ने पर भी बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।
Transport Death में कमी – मेडिकल कॉलेज रेफर के दौरान रास्ते में होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा।
2. आर्थिक और सामाजिक लाभ
रोजगार के अवसर – डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए नई नौकरियाँ सृजित होंगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा – रियल एस्टेट, खानपान और अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और शोध – चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान का केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय छात्रों को पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
3. स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच
सुगम और सस्ता इलाज – आयुष्मान कार्डधारकों एवं गरीबों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
सुविधाजनक पहुँच – मरीजों को बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे की बचत होगी।
सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार – टीबी, मलेरिया, कैंसर, हृदय रोग, किडनी, लीवर जैसी गंभीर बीमारियों के नियंत्रण में मदद मिलेगी।
4. सरकारी योजनाओं का लाभ
मेडिकल कॉलेज आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना, टीबी, कैंसर, कृत्रिम अंग एवं विकलांगता जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा।
5. शुल्क संबंधी जानकारी
जनता के मन में भ्रम न रहे, इसलिए स्पष्ट किया जाता है कि:
75% बेड पर उपचार पूर्णतः निःशुल्क रहेगा
केवल 25% बेड पर CGHS रेट के अनुसार सीमित शुल्क लिया जाएगा
मध्यम वर्ग एवं Non-Income Tax payers को Concessional Rates मिलेंगे
Income Tax payers को CGHS/अन्य सरकारी योजनाओं के अनुसार उपचार मिलेगा
अर्थात गरीब एवं पात्र लोगों का निःशुल्क उपचार जारी रहेगा तथा अब उन्हें जिले में ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
