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ट्रेचिंग ग्राउंड: नेताओं का आदेश हवा ,सात दिन में भी जांच नहीं बढ़ी आगे, वेस्ट प्रोसेसिंग में सौ नंबर मिले,ग्राउंड पर जीरो

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बैतूल।शहर के गौठाना-किदवई वार्ड स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। रहवासी क्षेत्र के बिल्कुल पास बने इस ग्राउंड से उठती बदबू, मच्छरों-मक्खियों की भरमार और गंदगी से लोगों का जीना मुहाल है। इसी शिकायत को लेकर सोमवार को क्षेत्रवासी जनसुनवाई में पहुंचे और कलेक्टर से कचरा तुरंत हटाने व ट्रेचिंग ग्राउंड को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की।

जांच के निर्देश हुए थे, पर रिपोर्ट अब तक नहीं

इस मामले पर सात दिन पहले ही विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए थे। बैठक में कचरा निष्पादन की धीमी रफ्तार पर विधायक ने नाराज़गी जताई थी। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन, अपर कलेक्टर, एसडीएम बैतूल अभिजीत सिंह और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को सम्मिलित करते हुए जांच दल गठित किया था। इस दल को सात दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन अब तक जांच आगे नहीं बढ़ी है।

5 करोड़ का टेंडर, फिर भी अधूरा काम

नगरपालिका ने करीब ₹5 करोड़ का टेंडर इको स्टैंड कंपनी, नोएडा को कचरा निष्पादन के लिए दिया था। बताया गया कि करीब 1 लाख 36 हजार 600 टन कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड में जमा है। कंपनी ने कुछ महीनों तक काम किया, लेकिन जून से काम पूरी तरह बंद कर दिया गया। जब कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि लोकेश उपाध्याय से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

धीमी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों में आक्रोश

नगरपालिका अब कचरा हटाने की कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा। 20 से 50 फीट ऊँचे कचरे के ढेर रहवासी क्षेत्र तक बदबू फैला रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है, खासकर बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है।

नगर पालिका में मचा हड़कंप, निरीक्षकों को नोटिस

सीएमओ द्वारा की गई जांच में लापरवाही सामने आने पर दोनों स्वच्छता निरीक्षकों — संतोष धनेलिया और राजेश सोनी को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षकों की जिम्मेदारी थी कि नया कचरा पुराने निष्पादित कचरे में न मिले, लेकिन जांच में यह गड़बड़ी सामने आई।

स्वच्छता सर्वेक्षण में मिले थे 100% नंबर

हैरानी की बात यह है कि हाल ही में नगर पालिका को *स्वच्छता सर्वेक्षण में वेस्ट प्रोसेसिंग के लिए 100 प्रतिशत अंक* मिले थे। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि ट्रेचिंग ग्राउंड में महीनों से कचरा अटका पड़ा है और उसका वैज्ञानिक निष्पादन नहीं हो रहा।

कलेक्टर ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने एसडीएम अभिजीत सिंह को जांच सौंपी है। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी से यह रिपोर्ट करवाई जा रही है कि स्थल पर वास्तव में कितना घनमीटर और टन कचरा पड़ा है। नगरपालिका से टेंडर से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं, जो आज प्रस्तुत किए जाने हैं।

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