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एसटी कमीशन का जनजाति आयोग और बैतूल कलेक्टर को नोटिस,छात्र की मौत का मामला

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बैतूल। मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली ने जनजातीय कार्य विभाग और कलेक्टर बैतूल को नोटिस जारी किया है।

  • आयोग की भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से अनुसंधान अधिकारी अंकित कुमार सेन द्वारा 16 अक्टूबर को जारी नोटिसों में आयोग ने जनजातीय कार्य विभाग, अरेरा हिल्स भोपाल और कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, बैतूल से विस्तृत जानकारी मांगी है।

टेकाम ने आरोप लगाया था कि शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय भैसदेही, बैतूल में छात्र की मृत्यु के मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई है। उन्होंने मृतक छात्र के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

उन्होंने आयोग से कहा कि यह घटना विद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। इसलिए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्र के परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने के निर्देश जारी किए जाएं। आयोग ने इस संबंध में प्राप्त शिकायत को अत्यंत गंभीर मानते हुए संबंधित विभागों से सात दिन के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

दूसरे नोटिस में रामू टेकाम द्वारा भैसदेही क्षेत्र में आदिवासी छात्रों को हो रही समस्याओं के निराकरण को लेकर की गई शिकायत के आधार पर जनजातीय कार्य विभाग से 30 दिन के भीतर तथ्यों सहित जवाब मांगा गया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत न करने पर आयोग संविधान के अनुच्छेद 338ए के अंतर्गत सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है।

इसके साथ ही रामू टेकाम ने बताया कि शाहपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं छात्रों ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि विद्यालय में पोषक भोजन नहीं दिया जा रहा, शुद्ध पेयजल का अभाव है, शौचालय अत्यंत गंदे हैं और बिस्तर सामग्री जैसे कंबल व चादरों की भारी कमी है।

दोनों मामलों में आयोग ने कहा है कि यदि प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो आयोग व्यक्तिगत रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से जांच कर सकता है।

हालांकि एसी ट्राइबल विवेक पांडे ने बताया कि इस नोटिस को जानकारी उनके कार्यालय में प्राप्त होते ही वे जानकारी भेज देंगे।

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