
बैतूल। जिला जेल में सजा पूरी कर रहे एक बंदी की शनिवार सुबह मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी रिहाई एक-दो दिन में होने वाली थी। मृतक प्रकाश बाबूराव (42) मूल रूप से अमरावती घाट क्षेत्र का निवासी था।
जानकारी के अनुसार प्रकाश बाबूराव को अपने चाचा की गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 भाग-2) के मामले में सात साल की सजा हुई थी। वह पिछले साढ़े पांच साल से बैतूल जिला जेल में सजा काट रहा था। जेल में उसका आचरण अच्छा रहने पर उसे बाहर सफाई कार्य के लिए लगाया गया था।
शनिवार को वह जेलकर्मी राकेश पांडे के साथ सफाई कार्य पर बाहर गया था। इसी दौरान अचानक उसे सीने में तेज दर्द उठा। साथी कर्मियों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि प्रकाश की सजा आज पूरी हो गई थी और उसने रिहाई की तैयारी भी कर ली थी। उसने अपने कपड़े और जूते धोकर रख दिए थे।
प्रकाश बाबूराव को अमरावती घाट बस स्टैंड पर लक्ष्मण नामक व्यक्ति की मौत के मामले में दोषी ठहराया गया था। घटना में उसे गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हालांकि जेल।अधीक्षक योगेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि कैदी की जल्द रिहाई होने वाली थी। उसे जेल मुख्यालय से भी दो माह कैद की छूट मिल गई थी।संभवतः दिसंबर माह में वह कभी भी छूट जाता। अक्सर छूटने की खुशी में कैदी तैयारिया करते है। यह कैदी में ऐसा कर रहा था।
इधर जेल के कई जेल।कर्मियों ने बताया कि वह छूटने की खुशी में बेहद खुश था। उसने अपने कपड़े जूते धोकर रखे थे। एक।कर्मी ने बताया कि उसने छूटने की खुशी में उनसे।लाल रंग की शर्ट का गिफ्ट मांगा था।जिसे उन्होंने उसे तोहफे में।दिया भी था।
सीजीएम ने किया निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बैतूल संगीता भारती राठौर ने जिला जेल का निरीक्षण किया।उन्होंने जेल की बैरक,भोजन शाला समेत अन्य व्यवस्थाएं देखी।जेल।प्रबंधन को उन्होंने।कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए है। इस दौरान जेल के अंदर सीसीटीवी कैमरों की कमी का विषय भी सामने आया है।हालांकि जेल प्रबंधन ने इसके लिए जेल मुख्यालय को किए पत्र व्यवहार की जानकारी दी है।
