
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने विशेष सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब सिविल सेवा नियमों में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत, 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त हुए कुछ विशेष श्रेणियों के कर्मचारी अब पुरानी पेंशन योजना (ओ.पी.एस.) को चुन सकेंगे। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी तीन महीनों के भीतर अपनी पसंद नहीं बताता, तो उसे स्वतः ही नई पेंशन योजना में शामिल कर लिया जाएगा।

यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो थोड़ी देर से नियुक्त होने के कारण ओ.पी.एस. (पुरानी पेंशन योजना) से वंचित रह गए थे। यह संशोधन नोटिफिकेशन नंबर G.S.R. 34Const/Arts/309 और 187/ए.एम.डी. (11)2025 के तहत 22 मई 2025 को जारी किया गया और 23 मई 2025 को पंजाब सरकार के गजट (एक्स्ट्रा) में प्रकाशित किया गया है।
संशोधन के मुख्य बिंदु:
यदि कोई कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त हुआ है, लेकिन उसकी भर्ती का विज्ञापन 1 जनवरी 2004 से पहले जारी हुआ था, तो उसे पुरानी पेंशन योजना (ओ.पी.एस.) का लाभ मिलेगा। दूसरा, वे कर्मचारी जो “हमदर्दी आधार” पर नियुक्त हुए हैं, और जिनकी याचिका 1 जनवरी 2004 से पहले प्राप्त हुई थी तथा जो सभी पात्रता शर्तें पूरी करते थे, वे भी इस योजना के लिए योग्य माने जाएंगे।
इस नोटिफिकेशन को सभी विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्त आयुक्तों, प्रमुख सचिवों, प्रशासनिक सचिवों, विभाग प्रमुखों, डिवीजन कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को जारी किया गया है। इसके साथ ही, राज्य के बोर्डों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी नियमावली और वित्तीय स्थिति के आधार पर इस योजना को लागू करें, बशर्ते इसका कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ राज्य सरकार पर न आए।

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