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MP Scooty Yojana 2026: सीएम मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों के 7500 टॉपर्स को बांटी ई-स्कूटी; 1.20 लाख तक की मिली राशि

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को राजधानी भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण किया। इस योजना के तहत प्रदेशभर के 7500 से अधिक टॉपर्स को स्कूटी दी जा रही है। इसमें पेट्रोल चालित स्कूटी खरीदने के लिए करीब 90 हजार रुपये और ई-वाहन के लिए 1.20 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों के बच्चों की प्रतिभा और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का सरकार का मजबूत संकल्प है।

⚡ 7500 टॉपर्स को मिली राहत: पेट्रोल या ई-स्कूटी चुनने का मिला विकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “योजना के अंतर्गत विभिन्न सरकारी स्कूलों में अव्वल आने वाले 7500 से ज्यादा छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जा रही है। इसमें पेट्रोल वाहन के लिए लगभग 90 हजार रुपये और ई-वाहन के लिए 1.20 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल भौतिक सुविधाएं देना नहीं, बल्कि बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और उनकी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने का वातावरण तैयार करना है।

💻 ‘पहले 1.45 लाख बच्चों को लैपटॉप, अब स्कूटी की सौगात’: खुशी पाल और ऋतु को मिली बड़ी राहत

सीएम मोहन यादव ने पूर्व में क्रियान्वित की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, “इसी महीने 1 तारीख को करीब 1.45 लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए थे। कई विद्यार्थियों के लिए यह पहला बड़ा तकनीकी संसाधन साबित हुआ, जिसने उनकी आगे की पढ़ाई को आसान बनाया। अब स्कूटी मिलने से कॉलेज तक आने-जाने की दूरियों की परेशानी खत्म होगी।”

कार्यक्रम में लाभार्थी छात्राओं ने अपनी खुशी व्यक्त की। भोपाल की खुशी पाल, जो 12वीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल करने के बाद 25 किलोमीटर दूर बीबीए कॉलेज जाती थीं, ने बताया कि अब उनका समय और किराया दोनों बचेगा। वहीं, बस से बीटेक कॉलेज जाने वाली छात्रा ऋतु गौर और वंशिका अहिरवार ने कहा कि ऐसी प्रोत्साहन योजनाओं से बच्चों को कड़ी मेहनत करने की नई प्रेरणा मिलती है।

📊 ‘शिक्षा बजट बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हुआ’: प्राथमिक ड्रापआउट दर में आया ऐतिहासिक सुधार

मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा क्षेत्र के बढ़ते बजट और बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए कहा, “वर्तमान में प्रदेश का स्कूल शिक्षा बजट करीब 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश का कुल वार्षिक बजट 4.38 लाख करोड़ रुपये है।”

उन्होंने दावा किया कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्राथमिक स्तर पर ड्रापआउट दर में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और अब सरकारी स्कूलों के छात्र मेरिट सूची में 50 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी दर्ज करा रहे हैं। सीएम ने पारदर्शी डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि योजनाओं की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे छात्रों के खातों में पहुंच रही है।

🎓 “यह तो बस शुरुआत है, आगे मिलेंगे और अवसर”: स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का संबोधन

कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “प्रदेश सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ हर संभव संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। आने वाले समय में विद्यार्थियों को प्रगति के और भी नए अवसर मिलेंगे।”

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इसी निष्ठा के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखें, अपने माता-पिता के सपनों को साकार करें और मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन करें।

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