Logo
ब्रेकिंग
Meesho कस्टमर केयर के नाम पर ठगी: APK भेजकर उड़ाए 1.01 लाख, बैतूल पुलिस ने ओडिशा से आरोपी दबोचा रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया नहीं: 28 अगस्त को दिनभर बांध सकेंगे राखी, जानें शुभ मुहूर्त... रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बि... बलरामपुर के बाबा कर्मेश्वर धाम पहुंचे CM विष्णु देव साय: रुद्राभिषेक कर की पूजा, कर्रा में मंगल भवन ... रायपुर में ₹55 लाख तक की डायमंड राखी: इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सोने-चांद... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... सेक्स वर्कर होने के आधार पर नहीं चल सकता आपराधिक केस: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की FIR और चार्जशीट,... बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म...
Header Ad

MLA Raman Arora के लिंक से जुड़ी 27 संपत्तियां को लेकर उठेगा पर्दा, लम्मा पिंड से परागपुर तक…

जालंधर: विजिलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े आप विधायक रमन अरोड़ा द्वारा 3 साल के अंतराल में कितने बड़े स्तर बेनामी संपत्तियों संबंधियों जांच करने के लिए विजिलैंस टीम द्वारा रैवेन्यू रिकॉर्ड से 27 रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड लिया गया, जिनका कनैक्शन विधायक रमन अरोड़ा के साथ हो सकता है। इन रजिस्ट्रियों में तो सिर्फ 13 रजिस्ट्रियां तो लम्मा पिंड चौक के एक नामी कॉलोनाइजर के नाम पर ही हुई हैं।

विजिलैंस के मुताबिक इन 27 रजिस्ट्रियां जोकि रैवेन्यू रिकॉर्ड से ली गई हैं, उसके मुताबिक परागपुर इलाके की सबसे ज्यादा जमीन में पैसे इन्वैस्ट किए हो सकते हैं। विजिलैंस के मुताबिक इन प्रॉपर्टियों के खरीदार पूर्व कांग्रेसी पार्षद, लम्मा पिंड चौक का नामी कॉलोनाइज़र, पीर बोदला स्थित विधायक के रिश्तेदार और उनकी रियल इस्टेट कंपनी के नाम पर निकले हैं। अब विजिलैंस उनको भी जांच में शामिल करेगी।

सूत्रों की मानें तो विजिलैंस द्वारा कुल 27 संपत्तियों को रिकॉर्ड रैवेन्यू डिपार्टमैंट से लिया गया, जहां 13 संपत्तियों की रजिस्ट्री की कॉपी सीधा सब रजिस्ट्रार दफ्तर से ली गई व बाकी 14 संपत्तियों बारे जानकारी रिकॉर्ड रूप से ली गई थी। विजिलैंस ने विभाग द्वारा उक्त रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड लेकर विधायक रमन अरोड़ा से काफी लंबी पूछताछ हुई। हैरानी वाली बात सारी रजिस्ट्रियां किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मिली हैं, जिस कारण विजिलैंस अफसर को जांच में समय लग रहा है कि कहीं उक्त सारे लोगों का विधायक रमन अरोड़ा के साथ लिंक तो नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.