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रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बिगड़ा रसोई का बजट

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): त्योहारों के मौसम के बीच आम जनता पर महंगाई की भारी मार पड़ रही है। रक्षाबंधन, ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम जैसे पर्वों के बीच रसोई में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों ने लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। बाजार में मिठाई की ऊंची कीमतें सुनकर खरीदारी करने पहुंची बहनें असमंजस में हैं कि सीमित बजट में कितनी मिठाई खरीदें। कभी 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज खुदरा बाजारों में 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है।

📊 चीनी ₹80 और प्याज ₹60 के पार: जून से अगस्त तक ऐसे बढ़े दाम

दामों में बढ़ोतरी का ब्योरा और बाजार की स्थिति:

  • प्याज के दामों में लगातार उछाल: व्यापारियों के अनुसार, जून में जो प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलो था, वह जुलाई में बढ़कर 40 रुपये हुआ और अगस्त के अंत तक गुणवत्ता के आधार पर 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

  • चीनी ₹80 प्रति किलो: चीनी के दामों में भी लगातार तेजी बनी हुई है और यह खुदरा बाजार में 70 से 80 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।

  • ग्राहकों की खरीदारी सीमित: बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहक अब प्याज और चीनी की खरीदारी पाव (250 ग्राम) या आधा किलो में ही कर रहे हैं।

🗣️ कारोबारियों का दर्द: बारिश से आपूर्ति प्रभावित, बफर स्टॉक का असर भी सीमित

व्यापारियों और दुकानदारों की आपत्तियां:

  • बिक्री में भारी गिरावट: सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने थोक मंडियों से माल तो मंगा लिया है, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण खुदरा खरीदार कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

  • खराब होने का जोखिम: बिक्री की रफ्तार धीमी होने से स्टॉक ज्यादा दिन तक रखने पर प्याज के सड़ने और खराब होने का नुकसान दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है।

  • मौसम की मार: थोक व्यापारियों के अनुसार, उत्पादक क्षेत्रों में बारिश के कारण परिवहन बाधित हुआ है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा जारी बफर स्टॉक सीमित राहत दे पा रहा है और यदि आवक में सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और तेजी आ सकती है।

🥔 आलू के भाव स्थिर, लहसुन और अदरक में तेजी बरकरार

अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की स्थिति:

  • आलू से थोड़ी राहत: बाजार में फिलहाल आलू की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे ग्राहकों को आंशिक राहत मिली है।

  • लहसुन और अदरक महंगे: लहसुन और अदरक की कीमतों में तेजी जारी है, जिसके चलते लोग दैनिक उपयोग में कटौती करने को मजबूर हैं।

  • खान-पान की आदतों में बदलाव: गृहिणियों का कहना है कि जहां बहुत जरूरी है वहीं प्याज का इस्तेमाल किया जा रहा है और कई परिवारों ने सलाद में प्याज का उपयोग अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

🏪 साप्ताहिक हाट-बाजारों में भी छाई मायूसी, छोटे दुकानदार बेहाल

ग्रामीण और कस्बाई बाजारों पर असर:

  • ग्रामीण बाजारों में असर: ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के साप्ताहिक हाट-बाजारों में भी प्याज और चीनी की मांग तो है, लेकिन खरीदारों की क्रय क्षमता प्रभावित हुई है।

  • ठेला विक्रेताओं की लाचारी: गली-मोहल्लों में घूमकर सब्जी बेचने वाले छोटे विक्रेताओं का कहना है कि थोक दरें अधिक होने के कारण मुनाफा कम हो गया है और ग्राहकों की संख्या भी घटी है।

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