
आमला-सारणी रोड पर संगठन का सवाल — आखिर क्यों नहीं बन रही आंवरिया-ठानी होकर सड़क?
दिलीप पाल की रिपोर्ट
आमला। आमला-सारणी-आंवरिया-ठानी रोड संगठन ने सोमवार को जनपद चौक पर बड़ा फ्लैक्स लगाकर जनप्रतिनिधियों से सीधा सवाल किया — “आख़िर आंवरिया-ठानी होकर सारणी रोड क्यों नहीं बन रही?”
फ्लैक्स में संगठन ने वर्तमान आमला–बोरी–सारणी मार्ग की दुर्दशा उजागर करते हुए बताया कि 35 किलोमीटर लंबा यह रास्ता दुर्गम, ऊँच-नीच और गड्ढों से भरा हुआ है, जहाँ बस और चार पहिया वाहनों का संचालन बेहद कठिन है।
ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग से रोजाना हादसे होते हैं और बसों को 85 किलोमीटर तक तेल खर्च करना पड़ता है। इससे यात्रियों को परेशानी और परिवहन संचालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
“केवल 20 किमी में बन सकता है नया, आसान रास्ता”
संगठन ने बताया कि यदि आमला से आंवरिया-ठानी होकर सारणी तक सड़क बनाई जाए, तो यह मार्ग मात्र 20 किलोमीटर का होगा। इससे आमला से सारणी की दूरी आधी रह जाएगी।
नया मार्ग बनने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों व व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
“यह सिर्फ़ सड़क नहीं, विकास का सवाल है”
संगठन का कहना है कि यह सड़क आमला, आंवरिया, ठानी, विदुल, परसोरी, बोरदेही जैसे गांवों के लिए जीवनरेखा साबित होगी।
लोगों ने सांसद और विधायक से अपील की कि वे इस मार्ग को प्राथमिकता देकर प्रस्ताव तैयार करें और परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाएं, ताकि क्षेत्र का विकास रुके नहीं।
