
मुलताई, मध्य प्रदेश: राजस्थान की रहने वाली सीमा आमला से पांढुरना जाने के लिए गोडवाना ट्रेन में छोटे भाई और मां के साथ चढ़ी , उसके छोटे भाई का दिमाग का इलाज चल रहा है भाई का स्वस्थ खराब होने के कारण उसकी दवा वाला बैग जिसमे पूरी दवा हॉस्पिटल की सारी फाइल रिपोर्ट थी गलती से भोपाल से आ रही जमात के लोगों के सामान के साथ मिक्स होकर मुलताई में उतर कर दीनी इज्तिमा स्थल पहुंच गया। जहां खिदमत में लगे युवा साथियों ने अनजान बैग को मिलते ही पाया खोया विभाग में जमा कर दिया।
सीमा को पांडूरना पहुंचने पर पता चला कि उसका बैग गुम हो गया है और बीच में मुलताई में लोग उतरे है, तो वह तुरंत बस से मुलताई आई और स्टेशन पर आरपीएफ के जवान रामनाथ ढोते व रेलवे कर्मचारी विष्णु गणपथ को बताया।
उन्होंने मुलताई पुलिस विवेक चोरे व समाजसेवी पाशा खान को बताया, दोनो ने तत्काल बैग ढूंढने की कोशिश शुरू की।
जमात की खिदमत में लगे युवा साथियों ने बैग पाशा खान को दिया और वहां से सीमा तक पहुंचाया गया।
जब सीमा को पता चला कि उसका बैग मिल गया है, तो उसने राहत की सांस ली।
सीमा ने जमात के लोगों, आरपीएफ के जवान, रेलवे कर्मचारी, पुलिस और समाजसेवी पाशा खान का धन्यवाद किया और कहा कि आप लोगो उनकी ईमानदारी और सहयोग से मेरे भाई दवा और बैग मिल गया ।
