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गंगा में उफान से बिजनौर बैराज का बायां तटबंध धंसा: 100 मीटर ACBM पैच नदी में समाया, युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू

बिजनौर (उत्तर प्रदेश): पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते गंगा नदी पूरे उफान पर बह रही है। नदी के अत्यधिक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण बिजनौर स्थित गंगा बैराज के लेफ्ट अफलैक्स बंध (बाएं तटबंध) को भारी नुकसान पहुंचा है। जलधारा की सीधी और तीव्र टक्कर के चलते तटबंध की सुरक्षा के लिए बिछाए गए आर्टिकुलेटेड कंक्रीट ब्लॉक मेट्रेस (ACBM) के कुल 1,060 मीटर क्षेत्र में से करीब 100 मीटर का हिस्सा धंसकर नदी में समा गया है। रावली स्थित यह तटबंध आसपास की घनी आबादी और उपजाऊ कृषि भूमि को बाढ़ के पानी से बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

🚨 सिंचाई विभाग में मचा हड़कंप, तीन दिनों से मौके पर डटी इंजीनियरों की टीम

प्रशासनिक तत्परता और बचाव कार्य के प्रमुख कदम:

  • अधिकारियों की तत्काल तैनाती: तटबंध धंसने की खबर मिलते ही सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व तकनीकी विशेषज्ञों ने तत्काल मौके का स्थलीय निरीक्षण किया।

  • इंजीनियरों का डेरा: मध्य गंगा के चीफ इंजीनियर कृष्ण मोहन कंसल, अधीक्षण अभियंता (SE) संजीव झा और अधिशासी अभियंता (EE) कर्णपाल सिंह पूरी तकनीकी टीम के साथ तटबंध की सुरक्षा के लिए पिछले तीन दिनों से घटनास्थल पर ही कैंप किए हुए हैं।

  • कार्यदायी संस्था को निर्देश: मध्य गंगा नहर निर्माण खंड-पांच के अधिशासी अभियंता कर्णपाल सिंह के अनुसार, ACBM का कार्य करने वाली एजेंसी के तकनीकी स्टाफ को तत्काल बुलाकर प्रभावित हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है।

🛡️ वायर क्रेट, पोरक्युपाइन और हजारों रेतीली बोरियों से बहाव रोकने की कवायद

तटबंध की मजबूती के लिए किए जा रहे तकनीकी उपाय:

  • टेट्राहेड्रोन पोरक्युपाइन: नदी के तेज वेग और बहाव की सीधी धार को मोड़ने व धीमा करने के लिए पानी के भीतर टेट्राहेड्रोन पोरक्युपाइन डाले जा रहे हैं।

  • पत्थरों से भरे वायर क्रेट: कटान को रोकने के लिए भारी पत्थरों से भरे लोहे के तारों के जाल (वायर क्रेट) धंसे हुए स्थान पर गिराए जा रहे हैं।

  • रेत की बोरियों की लेयरिंग: मिट्टी के और अधिक कटाव को रोकने के लिए हजारों की तादाद में रेतीली बोरियों को क्षतिग्रस्त पैच पर व्यवस्थित रूप से लगाया जा रहा है।

⚠️ ‘तटबंध पूरी तरह सुरक्षित, 24 घंटे रखी जा रही निगरानी’: इंजीनियर इन चीफ अवधेश कुमार

विभागीय प्रमुख का आधिकारिक बयान और निगरानी:

  • तटबंध सुरक्षित: उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ अवधेश कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यद्यपि गंगा की धारा सीधे बाएं तटबंध से टकरा रही है, किंतु स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जनहानि या बाढ़ का कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।

  • सतर्कता के आदेश: क्षतिग्रस्त हिस्से को तेजी से सुदृढ़ करने के साथ-साथ विभागीय अभियंताओं और सुरक्षा दस्तों को 24 घंटे लगातार तटबंध की निगरानी के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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