
बैतूल जिले के दूरस्थ और आदिवासी अंचल भीमपुर के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। अब तक 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में संचालित यह अस्पताल अब 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत प्रदेश के अन्य 12 अस्पतालों के साथ भीमपुर अस्पताल का भी उन्नयन किया गया है। सरकार ने इन अस्पतालों के लिए 345 नियमित, 3 संविदा पदों का सृजन तथा 136 आउटसोर्स कर्मचारियों की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही इनके संचालन के लिए 27.17 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय भी मंजूर किया गया है।
भीमपुर क्षेत्र की आबादी लगभग 1 लाख 82 हजार है और यह जिला मुख्यालय से काफी दूरी पर स्थित है। क्षेत्र में कोई निजी अस्पताल नहीं है और आसपास के अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भी अक्सर खाली रहते हैं। ऐसे में इस अस्पताल के उन्नयन से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल के सिविल अस्पताल बनने से अब यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नया अस्पताल भवन भी बनाया जाएगा, क्योंकि वर्तमान में 30 बिस्तरीय अस्पताल का भवन कम पड़ रहा है और इसका आधा हिस्सा जर्जर अवस्था में चल रहा है।
बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान यह प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन तब से यह लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ था। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रस्ताव को पुनः भेजा, जिसके बाद कैबिनेट से मंजूरी मिली है।
जानकारी के अनुसार करीब तीन माह पहले जिले के प्रभारी मंत्री और चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कुकरु खामला में प्रवास के दौरान विभागीय अधिकारियों से सीएचसी भीमपुर की स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसके बाद विभाग ने यहां की दैनिक ओपीडी, भर्ती मरीजों की संख्या और मासिक रिपोर्ट सहित विस्तृत ब्यौरा मंत्रालय को भेजा था। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट में रखा गया।
