बैतूल। गौठाना-किदवई वार्ड स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा हटाने का काम अब भी अधर में है। ठेकेदार कंपनी के दावों के बावजूद मौके पर न तो ढेर कम हुए हैं और न ही प्रोसेसिंग की रफ्तार बढ़ी है। रहवासी अब भी बदबू और गंदगी से परेशान हैं।
कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि लोकेश उपाध्याय का कहना है कि बारिश के कारण प्लांट कुछ समय के लिए बंद था, अब रोजाना 700 से 800 मीट्रिक टन कचरा उठाया जा रहा है। प्रोसेसिंग कर तैयार खाद खेतों में भेजी जा रही है और पॉलीथिन सीमेंट फैक्ट्री भेजने की तैयारी है। उपाध्याय ने दावा किया कि “एक सप्ताह में पूरा ढेर हटा लेंगे।”
लेकिन रहवासी संदेश खलतकर का कहना है कि “रत्तीभर सुधार नहीं हुआ है। बदबू एक किलोमीटर तक फैल जाती है। मेरा मकान ट्रेचिंग ग्राउंड से सौ मीटर दूर है। कमरे खुले नहीं रख सकते, न खाना खा सकते न सांस ले सकते। जो लोग 20 फीट की दूरी पर रहते हैं, उनकी हालत और भी खराब है। जब तक ट्रेचिंग ग्राउंड नहीं हटेगा, राहत नहीं मिलेगी।”
इधर नगर पालिका के कर्मचारी दबी जुबान में कह रहे हैं कि “मौके पर कोई वास्तविक काम नहीं हो रहा, फिर भी हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हमें बकरा बनाया जा रहा है।” कर्मचारियों ने बताया कि वे रोज निगरानी कर रहे हैं, लेकिन पुराने कचरे के पहाड़ जस के तस हैं।
जानकारी के अनुसार, उपाध्याय जिस कंपोस्ट खाद के उठाव की बात कर रहे हैं, वह वास्तव में एक पार्षद के खेत पर भेजी जा रही है। ठेकेदार पिछले सात दिनों से रोज “आज-कल” कहकर टालमटोल कर रहा है। एक कालोनी के पार्क में खाद वाली मिट्टी डालने का काम चल रहा है, पर प्रोसेसिंग स्पॉट पर कोई गतिविधि नहीं है।
इससे पहले ईई श्री कडूने जांच के दौरान चार जगह खुदाई करवाई थी, जिसमें पांच-पांच फुट नीचे तक कचरा निकला। बताया गया कि ठेकेदार उस खुदाई का भुगतान भी ले चुका है। भोपाल से जांच अधिकारी भी आ चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।