Logo
ब्रेकिंग
BJP MLA Slogan Viral: 'नरेंद्र मोदी अमर रहे' का नारा लगाकर घिरे सिंगरौली के भाजपा विधायक; जानें क्या... UPI Transaction Fee Rules: UPI से भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क? व्यापारियों ने जताया विरोध, वित्त ... Ganesh Utsav Vidisha: बंटी नगर में सजी 'गोकुलधाम सोसाइटी' की अनोखी झांकी; सिद्ध गणेश मंदिर में लगी भ... Asian Games 2026 Women's Cricket: सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी टीम इंडिया, मैच बारिश से धुला ... KBC 18 Episode Update: छत्तीसगढ़ की कपिला तनेजा की दर्द भरी कहानी सुनकर नम हुईं बिग-बी की आंखें, जान... Pakistan Kohat Mosque Blast: खैबर पख्तूनख्वाह की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 5 जव... US Fed Rate Hike and Crypto Market: ब्याज दरों में बढ़ोतरी से क्यों घबराते हैं क्रिप्टो निवेशक, जानि... iPhone 18 Pro Max vs iPhone 17 Pro Max Comparison: कीमत, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स में जानें कौन सा फ... Ganesh Visarjan Vastu Tips: बप्पा की विदाई के बाद नारियल के इन अचूक उपायों से घर में बरसेगी मां लक्ष... Air Travel Costly News: बिना साथी बच्चों और इन्फेंट ट्रेवल फीस में भारी बढ़ोतरी, जेब पर पड़ेगा सीधा ...
Header Ad

1881 से ही आरक्षण के हकदार थे मराठा… मनोज जरांगे ने छगन भुजबल पर लगाया क्या आरोप

0

मराठा समुदाय 1881 से आरक्षण का पात्र रहा है, लेकिन उसने पहले इसकी कभी मांग नहीं की क्योंकि यह एक प्रगतिशील समूह रहा. अब उसे अपनी पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए आरक्षण की जरूरत पड़ी है. ये कहना है कि सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे का. उन्होंने शुक्रवार को छत्रपति संभाजीनगर के एक अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत की है, जहां उन्हें करते हुए, जहां उन्हें मुंबई में अपनी पांच दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के बाद भर्ती कराया गया हैं.

जरांगे ने महाराष्ट्र के मंत्री और प्रमुख ओबीसी नेता छगन भुजबल पर अपने समूह के अन्य लोगों को आगे बढ़ने नहीं देने का आरोप भी लगाया. सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, ‘मराठा समुदाय 1881 से ही आरक्षण का पात्र है (हैदराबाद गजट का हवाला देते हुए). हमारे पूर्वज प्रगतिशील थे, इसलिए उन्होंने इसका लाभ नहीं उठाया, लेकिन हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना होगा. इसलिए आरक्षण हमारे लिए जरूरी बन गया है.’

जरांगे ने दावा किया, ‘कई लोग अचानक विशेषज्ञ बन गए हैं और एक सरकारी आदेश (जीआर) की आलोचना कर रहे हैं. हालांकि वे हमारे समुदाय से हैं और मराठों के लिए सहानुभूति रखते हैं. जीआर के मसौदे में जो भी मुझे गलत लगा, मैंने उसे वहीं (मुंबई में) बदलवा दिया. वहीं, आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन के दौरान मराठा समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे. मंत्री प्रताप सरनाईक और उदय सामंत इस पर काम कर रहे हैं.’

गरीबों का शोषण नहीं होना चाहिए- जरांगे

भुजबल को लेकर उनका कहना है कि वह दूसरे ओबीसी नेताओं का शोषण करते हैं और उन्हें दरकिनार कर देते हैं. जब तक वह बने रहेंगे, किसी (ओबीसी) को उभरने नहीं देंगे. इसके अलावा जरांगे ने कहा कि बंजारा समुदाय ने गजट के आधार पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग की है और अगर उनकी मांग जायज है, तो उन्हें आरक्षण मिलना ही चाहिए. गरीबों का शोषण नहीं होना चाहिए.

Leave A Reply

Your email address will not be published.