Logo
ब्रेकिंग
Khandwa Crime News: 24 साल की उम्र में की थी छेड़छाड़, 40 साल बाद 64 की उम्र में गिरफ्तार; गन्ने की ... IRCTC Booking Record: IRCTC ने रचा इतिहास, एक दिन में बुक हुए 20 लाख से ज्यादा रेल टिकट; टूटा पुराना... Beyond Weapons: रूस की तकनीक सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं, परमाणु टॉरपीडो से लेकर सैटेलाइट नेटवर्क म... Lalbaugcha Raja 2026 First Look: लालबागचा राजा की पहली झलक आई सामने, शाही अंदाज और नारंगी वस्त्रों म... Haiwaan Opening Day: 18 साल बाद साथ आए अक्षय कुमार और सैफ अली खान, बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ भी नहीं जुट... West Bengal Child Marriage: बारात लेकर पहुंचा था दूल्हा, ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने मंडप से किया गिर... Raebareli Accident News: रायबरेली में लेंटर डालते समय टूटी सपोर्टिंग पटरी, ऊंचाई से गिरे 6 मजदूर; मच... Tirupati Accident News: तिरुपति में मोबाइल निकालने कुएं में उतरे 2 युवकों की दर्दनाक मौत, जहरीली गैस... Raebareli Swine Flu News: रायबरेली में स्वाइन फ्लू का कहर, मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 16; लखनऊ रेफर ... Kanpur Maharajpur Murder: अवैध संबंधों में बाधक बने नाबालिग बेटे का गला घोंटा, पोल खुली तो प्रेमी ने...
Header Ad

8 साल की उम्र में हुआ था लापता, अब पहुंचा परिवार के पास… 21 साल बाद पिता से मिले बेटे की दर्दभरी कहानी

0

बिहार के भागपुर जिले के रहने वाला एक शख्स 21 साल बाद अपने परिवार से मिला तो सभी की आंखें नम हो गईं. परिजनों ने बताया कि सोनू 2004 में परिवार से बिछड़ गया था. सोनू बुआ के घर पर रहता था और वहीं से गायब हो गया था. जिसके बाद उसे ढूंढने की कोशिश की गई लेकिन वो कहीं नहीं मिला. जिसके बाद सोनू के गायब होने की सूचना पुलिस को दी गई. सोनू के गायब होने की सूचना के बाद मां बेहद परेशान रहने लगी थी, इसी गम में मां की मौत हो गई थी. आज सोनू हम लोगों के बीच है, सभी लोग बेहद खुश हैं.

दरअसल, भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित पकड़ा गांव के रहने वाले हरिशंकर प्रसाद सिंह का बेटा सोनू कुमार उर्फ मनोज कप्तान अप्रैल 2004 में रक्सौल से गायब हो गया था. तब उसकी उम्र करीब आठ-नौ साल की थी. सोनू बुआ निर्मला देवी के घर रक्सौल में रहता था. सोनू जिस दिन गायब हुआ, बुआ किसी रिश्तेदार के घर गई थीं. लौटीं तो सोनू गायब था. उसके लापता होने की खबर बुआ ने दी जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. परिवार ने गांव-गांव, शहर-शहर और यहां तक कि नेपाल तक सोनू को ढूंढ़ा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला. शुक्रवार की शाम इस परिवार की किस्मत ने अचानक करवट ली.

पिता की आंखों से झलके आंसू

दरअसल, हरिशंकर को एक तस्वीर दिखाई गई. जानकारी दी गई कि उनका बेटा सोनू है और धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है. हरिशंकर यह सुनकर सन्न रह गए. पूरा परिवार उम्मीद और घबराहट के साथ धनबाद के निकल पड़ा, जब अस्पताल पहुंचे तो सोनू को पहचाना. बेटे को देख पिता हरिशंकर रो पड़े और सोनू को सीने से लगा लिया.

अस्पताल कर्मी की पहल से मिला परिवार

सोनू का उसके परिवार से मिलाने के लिए अस्पताल कर्मी दीपक सिंह ने अहम रोल निभाया. दीपक ने बताया कि गुरुवार की सुबह एक मरीज उसके सामने से घसीटता हुआ जा रहा था. इस दौरान उसे रोक कर उससे पूछताछ की. उसने अपना नाम सोनू बताया. काफी याद कर बताया कि वह भागलपुर के नवगछिया गांव का रहने वाला है. इतना ही नहीं उसने ये भी बताया कि भूमिहार ब्राह्मण परिवार से है. लेकिन वो गांव का नाम नहीं बता पाया. सोनू के बताने के बाद दीपक ने उसकी तस्वीर के साथ, उससे जुड़ी जानकारी भागलपुर में अपने रिश्तेदार को भेजी. सोशल मीडिया की मदद से दीपक के रिश्तेदार ने नवगछिया के कुछ भूमिहार ब्राह्मण परिवार तक जानकारी पहुंचाई. रात में दीपक के पास सोनू के परिजनों का कॉल आया और जानकारी ली. दूसरे दिन शाम सोनू के परिजन अस्पताल पहुंच गए.

बेटे की याद में चल बसी मां

बेटे की जुदाई का दर्द इतना गहरा था कि वो सदमे की वजह से दो साल पहले चल बसी. परिजनों के अनुसार, चार बच्चों में सोनू दूसरे नंबर का था. सोनू के गायब होने के बाद से पिता हरिशंकर प्रसाद सिंह भी टूट गए. वर्षों बीत गए और घर-आंगन से हंसी-खुशी लगभग गायब हो गई थी. बच्चे बड़े होते गए और उनकी अपनी गृहस्थी बनती चली गई. इन सबके बीच चार बेटों मे से एक बेटे के गायब होने का दर्द हरिशंकर के सीने में हमेशा उठता रहा.

Leave A Reply

Your email address will not be published.