
IRCTC Booking Record: IRCTC ने रचा इतिहास, एक दिन में बुक हुए 20 लाख से ज्यादा रेल टिकट; टूटा पुराना रिकॉर्ड
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग शाखा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने टिकट बुकिंग के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है।
आगामी त्योहारी सीजन के चलते एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) विंडो खुलते ही रेल टिकटों की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया। IRCTC के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को कुल 20,06,353 टिकट बुक किए गए, जो अब तक का सर्वोच्च रिकॉर्ड है। वहीं इससे पूर्व 8 सितंबर को भी लगभग 19.50 लाख टिकट सफलतापूर्वक बुक किए गए थे। त्योहारों के दौरान कंफर्म सीट पाने की होड़ और डिजिटल टिकटिंग के प्रति बढ़ते भरोसे को इस अभूतपूर्व आंकड़े का मुख्य कारण माना जा रहा है।
📈 पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा: 89 फीसदी रिजर्व टिकट अब ऑनलाइन हो रहे बुक
डिजिटल माध्यमों की ओर तेजी से बढ़ता यात्रियों का रुख:
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पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त: पिछले वर्ष एक दिन में सर्वाधिक टिकट बुकिंग का आंकड़ा करीब 18.40 लाख था, जिसे पार करते हुए इस बार सिस्टम ने 20 लाख का नया मुकाम हासिल किया है।
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ऑनलाइन टिकटिंग का दबदबा: वर्तमान में भारतीय रेल के कुल आरक्षित (Reserved) टिकटों में से 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए जा रहे हैं।
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ऑफलाइन काउंटरों पर निर्भरता कम: अब मात्र 11 फीसदी यात्री ही आरक्षण काउंटरों (PRS) पर जाकर ऑफलाइन टिकट ले रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि डिजिटल इंडिया का दायरा व्यापक हुआ है।
🖥️ NGeT रिफ्रेश से दोगुनी हुई क्षमता: नया बीटा इंटरफेस बना मददगार
सिस्टम अपग्रेड और तकनीकी सुदृढ़ीकरण:
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नए और आधुनिक सर्वर: टिकटिंग प्रणाली को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलकर उच्च क्षमता वाले आधुनिक सर्वर स्थापित किए गए हैं।
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क्षमता में दोगुना इजाफा: ‘NGeT Refresh’ पहल के तहत किए गए तकनीकी बदलावों के बाद IRCTC टिकटिंग सिस्टम की लेन-देन क्षमता लगभग दोगुनी हो चुकी है।
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नया बीटा इंटरफेस: 15 जुलाई 2026 से लागू किए गए नए यूजर इंटरफेस के तहत स्लीपर, 3-टियर एसी और 2-टियर एसी जैसी सभी श्रेणियों की सीट उपलब्धता अब एक ही स्क्रीन पर प्रदर्शित होती है, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है।
🛡️ Anti-BOT तकनीक से दलालों पर लगाम: BOT ट्रैफिक में 65% तक गिरावट
सॉफ्टवेयर और अवैध ऑटोमेशन पर रोक:
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एंटी-बॉट और CDN का प्रयोग: अवैध दलालों और स्क्रिप्ट्स द्वारा तेजी से टिकट बुक करने के प्रयासों को रोकने के लिए Anti-BOT और उच्च स्तरीय CDN सुरक्षा तकनीक लागू की गई है।
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ट्रैफिक में भारी कमी: आधुनिक सुरक्षा उपायों के चलते ऑटोमेटेड BOT ट्रैफिक में 55 से 65 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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फर्जी ऐप्स पर एक्शन: रेलवे सुरक्षा बल और साइबर सेल द्वारा अवैध सॉफ्टवेयर, क्लोन ऐप्स और अनधिकृत वेबसाइटों के विरुद्ध लगातार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
⚖️ एजेंटों पर समय सीमा का प्रतिबंध और आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए नियम:
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प्राथमिकता विंडो पर रोक: अधिकृत एजेंटों (जैसे YTSK और RTSA) के लिए सुबह 8:00 बजे से 8:10 बजे तक की शुरुआती ARP ओपनिंग विंडो में टिकट बुक करने पर सख्त प्रतिबंध लागू है।
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आधार प्रमाणीकरण: 12 अक्टूबर 2025 से ओपनिंग ARP बुकिंग विंडो खुलते ही टिकट बुक करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए आधार-वेरिफाइड (Aadhaar Verified) होना अनिवार्य किया गया है, ताकि वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिल सके।
🚫 3 करोड़ से अधिक फर्जी यूजर ID ब्लॉक: 16 हजार ईमेल डोमेन पर भी गिरी गाज
फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़े पैमाने पर सफाई अभियान:
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फर्जी अकाउंट्स निरस्त: अवैध टिकटिंग और कालाबाजारी को समूल समाप्त करने के उद्देश्य से IRCTC ने अब तक 3.04 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को स्थाई रूप से बंद कर दिया है।
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री-वैलिडेशन की प्रक्रिया: 6.33 करोड़ यूजर प्रोफाइल को दोबारा सत्यापन (Re-validation) के दायरे में भेजा गया है।
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संदिग्ध डोमेन ब्लॉक: धोखाधड़ी और मास-बुकिंग में इस्तेमाल किए जा रहे करीब 16,041 संदिग्ध ईमेल डोमेन को पूरी तरह ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इन ठोस कदमों के परिणामस्वरूप ही सिस्टम की स्पीड और परफॉर्मेंस में अप्रत्याशित सुधार देखा गया है।

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