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Khandwa Crime News: 24 साल की उम्र में की थी छेड़छाड़, 40 साल बाद 64 की उम्र में गिरफ्तार; गन्ने की चरखी से पकड़ा गया स्थायी वारंटी

खंडवा (मध्य प्रदेश): कानून के हाथ लंबे होते हैं और गुनाहगार चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, वह एक न एक दिन सलाखों के पीछे पहुँच ही जाता है। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित मोघट रोड थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहाँ युवावस्था में युवती से छेड़छाड़ करने वाला एक भगोड़ा आरोपी करीब 40 वर्ष बाद पुलिस की गिरफ्त में आया है। गिरफ्तारी के समय आरोपी की आयु 64 वर्ष हो चुकी है। चार दशकों तक पुलिस और अदालत की आँखों में धूल झोंकने वाला यह आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में फंसकर अब जेल की हवा खा रहा है।

⚖️ वर्ष 1986 में दर्ज हुआ था केस: जमानत मिलने के बाद से लगातार था फरार

केस की पृष्ठभूमि और न्यायिक वारंट का विवरण:

  • 1986 का मुकदमा: मोघट रोड थाना पुलिस के अनुसार, वर्ष 1986 में संजय नगर निवासी अशोक कुमार (पिता पॉपसिंग उर्फ पप्पू) के विरुद्ध एक महिला ने छेड़छाड़ की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया था।

  • जमानत लेकर हुआ गायब: उस समय अशोक की आयु मात्र 24 वर्ष थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहाँ से उसे अंतरिम जमानत मिल गई थी।

  • स्थायी वारंट जारी: जमानत पर रिहा होने के उपरांत आरोपी अदालत की किसी भी तय पेशी पर हाजिर नहीं हुआ और लगातार फरार रहा। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके विरुद्ध स्थाई वारंट (Permanent Arrest Warrant) जारी किया था।

🏪 बदल गया था हुलिया और ठिकाना: गन्ने की चरखी की दुकान से दबोचा गया

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी का क्रम:

  • ठिकानों पर लटका मिला ताला: 40 वर्षों के लंबे अंतराल में आरोपी का शारीरिक हुलिया और चेहरा पूरी तरह बदल चुका था। पुलिस जब उसके पुराने ठिकानों (जलेबी चौक स्थित सैलून की दुकान व संजय नगर आवास) पर पहुँची, तो वहाँ ताले लटके मिले।

  • मुखबिर की सटीक सूचना: मोघट रोड थाना प्रभारी (TI) विकास खिंची और हेड कांस्टेबल रफीक खान को मुखबिर तंत्र से गोपनीय सूचना मिली कि 64 वर्षीय अशोक बस स्टैंड के समीप संचालित एक गन्ने की चरखी वाली दुकान में छिपकर रह रहा है।

  • घेराबंदी कर पकड़ा: पुख्ता जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित दबिश देकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

👴 ‘भूलने की बीमारी है, याद नहीं किसको छेड़ा था’: पुलिस पूछताछ में अजीब दलील

पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया:

  • अनभिज्ञता का बहाना: गिरफ्तारी के उपरांत जब पुलिस अधिकारियों ने 40 वर्ष पुराने छेड़छाड़ के प्रकरण को लेकर उससे पूछताछ की, तो आरोपी ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उसे इतना पुराना मामला याद ही नहीं है।

  • स्मृति दोष का हवाला: उसने पुलिस से कहा कि उम्र अधिक होने के कारण उसे भूलने की समस्या है और उसे यह भी स्मरण नहीं कि उसने किस लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी।

  • न्यायालय ने भेजा जेल: मोघट रोड पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी और चिकित्सीय औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ से सक्षम अदालत के आदेश पर उसे केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

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