
62 वर्षीय बुजुर्ग ने एकाकी जीवन से परेशान हो अपना एक जीवनसाथी चुना लेकिन वह जीवन साथी महज 2 दिन का ही महमान निकला. जी हां कानपुर में एक रिटायर्ड सीओडी कर्मी को 62 की उम्र में अपने जीवनसाथी की तलाश महंगी पड़ गई. पहले वह एकाकी जीवन से परेशान थे और अब जीवनसाथी के रूप में मिली लुटेरी दुल्हन को लेकर पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं.
पुलिस थाने में शिकायत करने के पहले करीब डेढ़ महीने तक हरीश कुमार महिला की दर-दर तलाश करते रहे. अपने जीवनसाथी को चुनने के साथ शादी का निर्णय रिटायर्ड कर्मी को और भी ज्यादा जीवन में परेशान कर गया. शादी तो हुई लेकिन दुल्हन लुटेरी निकली, जिसने शादी के 2 दिन बाद ही घर से कीमती गहने, सामान व नगदी पार कर फरार हो गई.
मंदिर मेंं की थी शादी
जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड कर्मी चकेरी थाना क्षेत्र के सनिगवां में किराए पर रह रहे थे. इस दौरान उनकी घर के पास ही किराए पर रहने वाली एक 45 वर्षीय महिला से उनकी मुलाकात हुई और उनके एकाकी जीवन को हरा भरा करने के वादे किये. इसके बाद 11 फरवरी 2025 को दोनों ने एक साथ रहने का निर्णय लिया और कानपुर के बेनाझाबर स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी के बंधन में बंध गए. लेकिन सीओडी से रिटायर्ड कर्मी हरीश कुमार को यह नहीं अंदाजा था कि वह महिला 45 वर्षीय एक लुटेरी दुल्हन निकलेगी.
दो दिन बाद फरार हो गई दुल्हन
रिटायरमेंट के बाद हरीश कुमार शुक्ला ने अपनी दुल्हन को लाखों रुपए के बेस कीमती उपहार दे डाले. इसके साथ ही महंगे जेवरात बनवाए, लेकिन महिला की नियत तो कुछ और ही थी. उसने मूलरूप से सीतापुर के रहने वाले हरीश कुमार शुक्ला के जीवन में खुशहाली की जगह एक बड़ा जख्म धोखा दे डाला. शादी के 2 दिन बाद फरार हुई अपनी दुल्हन को लगभग हरीश कुमार डेढ़ महीने तक उसके गांव, घर का पता लगाते हुए ढूंढते रहे.
पीड़ित ने दर्ज कराया मुकदमा
आखिरकार हरीश कुमार उसे ढूंढ नहीं पाए, तब जाकर उन्होंने कानपुर चकेरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पूरे प्रकरण में तहरीर मिलने के बाद इंस्पेक्टर थाना चकेरी संतोष शुक्ला ने बताया कि पीड़ित हरीश की तहरीर में 3 लाख नगद और 2 लाख के जेवर महिला द्वारा शादी के बाद घर से ले जाने की बात सामने आई है. पीड़ित का मुकदमा लिखकर महिला की तलाश उसके सगे संबंधियों के माध्यम से की जा रही है.

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