
जालंधर: विजिलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर गिरफ्तार किए गए आप विधायक रमन अरोड़ा तथा नगर निगम के ए.टी.पी. सुखदेव विशिष्ट के मध्य आपस में कहासुनी होने की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में चल रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक ए.टी.पी. सुखदेव विशिष्ट को विजिलैंस ब्यूरो ने रिमांड के समय हवालात में रखा हुआ था। उसके बाद विधायक रमन अरोड़ा को भी गिरफ्तार करके विजिलैंस ब्यूरो ने जब उनका रिमांड लिया तो उसे भी हावालात में भेज दिया गया। हवालात में रमन अरोड़ा और ए.टी.पी. सुखदेव विशिष्ट का आमना-सामना हो गया। यह भी चर्चा सुनने को मिली है कि रमन अरोड़ा ने ए.टी.पी. सुखदेव विशिष्ठ को बुरा-भला कहा और उनसे कहने लगे कि उन्होंने उसके खिलाफ विजिलैंस को बयान क्यों दिया है।
उल्लेखनीय है कि रमन अरोड़ा से पहले ए.टी.पी. सुखदेव विशिष्ठ की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के कारण ही हुई थी और उन पर आरोप था कि वह शहर में लोगों को अवैध रूप से नोटिस भेज कर उनकी इमारतों को सील करते थे। विजिलैंस ब्यूरो के अधिकारियों ने दावा किया था कि ए.टी.पी. सुखदेव विशिष्ट ने उन्हें कहा है कि वह विधायक रमन अरोड़ा के कहने पर सब काम करते थे। जब कोई व्यापारिक इमारत वाले लोग नोटिस मिलने के बाद उनके पास पहुंचते थे तो वह उन्हें रमन अरोड़ा के पास भेज देते थे, जहां पर भ्रष्टाचार को लेकर सैटिंग का काम होता था।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जब रमन अरोड़ा ए.टी.पी. से मिले तो उन्होंने सुखदेव विशिष्ट को बुरा भला कहना शुरू कर दिया, जिससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई। अब चूंकि ए.टी.पी. को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है इसलिए अब दोनों के बीच कहासुनी होने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं।

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