
मध्य प्रदेश के भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दिए गए बयान से सियासी घमासान मच गया है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सरेंडर करने का आरोप लगाया, जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन पर बड़ा हमला बोला है और उन्हें कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाई है और कहा कि कांग्रेस की पार्टी और डीएनए में सरेंडर है.
राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी-आरएसएस वालों को सरेंडर करने की आदत है. अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती, तो कभी सरेंडर नहीं होता. ट्रंप का फोन आया और नरेंद्र मोदी जी तुरंत सरेंडर हो गए.
उन्होंने कहा था कि बीजेपी-आरएसएस का करैक्टर ऐसा है कि वे हमेशा झुकते हैं. इस बयान में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और सैन्य मामलों पर सवाल उठाए, जिसे भाजपा ने सीधे देश के खिलाफ टिप्पणी बताया.
सेना और देशवासियों का अपमान: नड्डा
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के बयान को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि भारतीय सेना, देश और 140 करोड़ देशवासियों का अपमान करार दिया. उन्होंने कहा, “भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य और पराक्रम को सरेंडर कहना अत्यंत अपमानजनक है. अगर कोई पाकिस्तानी ऐसा कहता तो हम हंसते, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सेना, प्रधानमंत्री और जनता ने भी ऐसा नहीं कहा.”
जेपी नड्डा ने भारतीय सेना की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और बताया कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 300 किलोमीटर अंदर तक घुसकर 11 एयरबेस, 9 आतंकी अड्डे तबाह किए और 150 से अधिक आतंकियों को खत्म किया. उन्होंने कहा कि इस सफलता की घोषणा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की थी, न कि सरकार या भाजपा प्रवक्ताओं ने.
सरेंडर कांग्रेस के डीएनए में है
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरेंडर कांग्रेस की डिक्शनरी और DNA का हिस्सा है. उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने आतंकवाद के सामने, विभिन्न युद्धों और समझौतों में कई बार सरेंडर किया है. नड्डा ने 1971 की लड़ाई के बाद शिमला समझौता, आतंकवाद के खिलाफ नाकामी, 1962 के युद्ध की हार आदि उदाहरण भी दिए.

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