Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

लुधियाना में DGGI की बड़ी कार्रवाई: 15 करोड़ के टैक्स फ्रॉड व बोगस डेबिट नोट मामले में के.के. गर्ग समेत 2 गिरफ्तार

लुधियाना (पंजाब): डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए के.एन.एल. ड्राइव लाइन पार्ट्स प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य संबंधित फर्मों के ठिकानों पर छापेमारी के बाद 2 लोगों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रमुख कारोबारी के.के. गर्ग और उनका एक अन्य सहयोगी शामिल है, जबकि प्राथमिक पूछताछ के बाद एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा प्रकरण 15 करोड़ रुपये से अधिक की कथित जीएसटी चोरी और बोगस डेबिट नोट (Bogus Debit Notes) जारी करने के अवैध खेल से जुड़ा हुआ है।

📂 7 से 8 ठिकानों पर एक साथ दबिश, डिजिटल डाटा और खरीद-बिक्री रिकॉर्ड जब्त

जांच एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई का घटनाक्रम:

  • सघन छापेमारी: डीजीजीआई की विशेष टीमों ने मंगलवार को लुधियाना शहर के 7 से 8 विभिन्न व्यापारिक और आवासीय ठिकानों पर एक साथ सघन तलाशी अभियान चलाया।

  • दस्तावेजों की पड़ताल: कार्रवाई के दौरान फर्मों के पिछले वित्तीय वर्षों के खरीद-बिक्री रजिस्टर, जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दस्तावेज और कंप्यूटर हार्ड डिस्क व डिजिटल डाटा को कब्जे में लेकर गहन जांच की गई।

  • पूछताछ व गिरफ्तारी: जांच के उपरांत के.के. गर्ग सहित संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर डीजीजीआई कार्यालय ले जाया गया, जहां रातभर चली पूछताछ के बाद बुधवार सुबह दो लोगों की औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई।

📑 बिना माल की आवाजाही के जारी किए जा रहे थे बोगस डेबिट नोट, ऐसे हुआ खेल

जांच एजेंसियों के अनुसार टैक्स चोरी का तरीका बेहद सुनियोजित था:

  • डेबिट नोट का दुरुपयोग: सामान्य व्यापारिक नियमों के तहत यदि किसी सप्लायर को 10 टन माल भेजा जाता है और उसमें से 1 टन माल गुणवत्ता या अन्य कारणों से रिजेक्ट होकर वापस आता है, तो केवल उस रिजेक्ट माल के लिए डेबिट नोट जारी किया जाता है।

  • फर्जी क्लेम: इस मामले में आरोप है कि वास्तविक रूप से न तो माल का कोई भौतिक परिवहन (Movement) हुआ और न ही माल की वास्तविक वापसी हुई, फिर भी कागजों में बोगस डेबिट नोट तैयार कर भारी टैक्स छूट व आईटीसी का अनुचित लाभ उठाया गया।

  • फर्जी फर्मों का जाल: आशंका जताई जा रही है कि सारंग थापर से जुड़ी बोगस शेल फर्मों के जरिए ये फर्जी डेबिट नोट तैयार और सर्कुलेट किए गए थे।

💼 200 करोड़ के बोगस बिलिंग नेटवर्क से जुड़े तार, पहले भी हो चुकी हैं 3 गिरफ्तारियां

यह मामला लुधियाना के एक बड़े संगठित टैक्स सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है:

  • पिछली बड़ी कार्रवाई: इससे पहले डीजीजीआई ने लुधियाना में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित टैक्स चोरी और बोगस बिलिंग नेटवर्क के खिलाफ करीब 20 से 25 ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की थी।

  • पूर्व में हुई गिरफ्तारियां: उस कार्रवाई के दौरान सारंग थापर, मुकुल वशिष्ठ और अमित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

  • डाटा विश्लेषण से नया खुलासा: उस समय जब्त किए गए डिजिटल डाटा, व्हाट्सएप चैट और बैंक लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर ही मौजूदा फर्मों और के.के. गर्ग की संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं।

🔍 सारंग थापर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रहा विभाग, कई अन्य फर्में भी राडार पर

Comments are closed.