Logo
ब्रेकिंग
Khandwa Crime News: 24 साल की उम्र में की थी छेड़छाड़, 40 साल बाद 64 की उम्र में गिरफ्तार; गन्ने की ... IRCTC Booking Record: IRCTC ने रचा इतिहास, एक दिन में बुक हुए 20 लाख से ज्यादा रेल टिकट; टूटा पुराना... Beyond Weapons: रूस की तकनीक सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं, परमाणु टॉरपीडो से लेकर सैटेलाइट नेटवर्क म... Lalbaugcha Raja 2026 First Look: लालबागचा राजा की पहली झलक आई सामने, शाही अंदाज और नारंगी वस्त्रों म... Haiwaan Opening Day: 18 साल बाद साथ आए अक्षय कुमार और सैफ अली खान, बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ भी नहीं जुट... West Bengal Child Marriage: बारात लेकर पहुंचा था दूल्हा, ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने मंडप से किया गिर... Raebareli Accident News: रायबरेली में लेंटर डालते समय टूटी सपोर्टिंग पटरी, ऊंचाई से गिरे 6 मजदूर; मच... Tirupati Accident News: तिरुपति में मोबाइल निकालने कुएं में उतरे 2 युवकों की दर्दनाक मौत, जहरीली गैस... Raebareli Swine Flu News: रायबरेली में स्वाइन फ्लू का कहर, मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 16; लखनऊ रेफर ... Kanpur Maharajpur Murder: अवैध संबंधों में बाधक बने नाबालिग बेटे का गला घोंटा, पोल खुली तो प्रेमी ने...
Header Ad

लुधियाना के देव अस्पताल में बच्ची की मौत के बाद भारी हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

लुधियाना (पंजाब): चंडीगढ़ रोड स्थित सेक्टर-32 के देव अस्पताल में देर रात एक बच्ची की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर बवाल हुआ।

आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और बिल बढ़ाने के चक्कर में बच्ची को समय पर उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर न करने का गंभीर आरोप लगाया। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

🚑 दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, परिजनों का फूटा आक्रोश

धरने पर बैठे पीड़ित परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए:

  • रेफर करने में देरी का आरोप: परिजनों का कहना है कि जब बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था, तो उन्होंने डॉक्टरों से बार-बार किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की गुहार लगाई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची को रोके रखा।

  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी: परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में विशेषज्ञ (Specialist) डॉक्टर मौजूद नहीं थे।

  • अंतिम समय में हाथ खड़े किए: परिजनों के अनुसार शाम को जब बच्ची की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई, तब डॉक्टरों ने अचानक हाथ खड़े कर दिए और उसे बाहर ले जाने को कहा, जिससे दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

  • पुलिस की कार्रवाई: सूचना पाकर पहुंची पुलिस टीम ने आक्रोशित परिजनों को शांत करवाकर धरना समाप्त कराया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और सीसीटीवी फुटेज व मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🩺 डॉक्टर पवन ढींगरा ने दी सफाई: ‘छत से गिरने से हुआ था ब्रेन हेमरेज, तुरंत रेफर करने को कहा था’

उधर, देव अस्पताल के डॉ. पवन ढींगरा ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है:

  • प्राथमिक उपचार और स्कैन: डॉ. ढींगरा के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे बच्ची को छत से गिरने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल ने तुरंत इमरजेंसी प्राथमिक उपचार दिया और दौरे रोकने का इंजेक्शन लगाकर स्कैन के लिए भेजा।

  • ब्रेन हेमरेज की पुष्टि: शाम 5 बजे स्कैन रिपोर्ट में सिर में खून के थक्के (क्लॉट्स) और ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई।

  • तत्काल रेफर करने की सलाह: डॉक्टर ने बताया कि बच्ची शुरू से ही बेहोश थी और रिपोर्ट मिलते ही शाम 5 बजे परिजनों को स्पष्ट रूप से बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी गई थी। डॉक्टर ने कहा कि अगर बच्ची ठीक होती तो वे स्कैन ही क्यों करवाते; उनके पास बचाव के लिए अस्पताल की पूरी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है।

Comments are closed.