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‘मैं बच जाता, लेकिन…’, महाराष्ट्र में कर्ज में डूबे किसान ने की आत्महत्या, मरने से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो

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महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में एक किसान ने आत्महत्या कर ली. इससे पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने ये कदम उठाने की वजह बताई. किसान ने रिकॉर्ड किए वीडियो में बताया कि वह कर्ज से परेशान है. उसे उम्मीद थी कि कर्ज माफ कर दिया जाएगा, लेकिन जब कर्ज माफ नहीं किया गया तो किसान ने तंग आकर आत्महत्या का कदम उठाया और अपनी जान दे दी.

ये मामला अहिल्यानगर के नेवासा तालुका से सामने आया है, जहां एक किसान ने आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने वाले किसान का नाम बाबासाहेब सरदे बताया जा रहा है. बाबासाहेब सरदे ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था. किसान ने वीडियो में कहा, “मुझे उम्मीद थी कि जल्द ही कर्ज माफ हो जाएगा. किसानों से किए गए वादे के मुताबिक कर्ज माफ नहीं किया गया. अगर सही समय पर मदद की जाती, तो मैं बच जाता, लेकिन अब मेरा आत्मविश्वास खत्म हो गया है.“

बाकी किसानों की मदद करने की कही बात

किसान ने आगे कहा कि इस दुनिया में जहां कर्ज में डूबे किसानों का शोषण किया जा रहा है, पैसे के बिना कुछ नहीं होता. अगर मेरे जीवित रहते मेरी मदद नहीं की गई, तो कम से कम मेरे मरने पर बाकी किसानों की मदद करें. इस घटना को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर निशाना साधा. भाजपा-शिंदे सेना और अजित दादा की भ्रष्ट गठबंधन सरकार अब किसानों की ओर ध्यान देगी. हर रोज औसत 6 किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन इनकी राज्य सरकार को कोई परवाह नहीं है.

डिप्टी सीएम ने किसानों से की अपील

वहीं डिप्टी सीएम अजित पवार ने किसानों से आत्महत्या जैसे कदम न उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार उनकी पूरी मदद कर रही है और समय आने पर कर्ज भी माफ कर दिया जाएगा. डिप्टी सीएम ने शुक्रवार को किसानों से अहिल्यानगर में बात करते हुए कहा कि करीब 20 हजार करोड़ रुपए के बिजली बिल माफ किए गए हैं. आत्महत्या परेशानी का हल नहीं है. किसानों से गुजारिश है कि वह इस तरह का कदम न उठाएं.

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