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Maharashtra Drought Update: नांदेड जिले में सूखे जैसे हालात, फसल खराब होने से आर्थिक संकट में फंसे किसान, मुआवजे की मांग

नांदेड जिले में बारिश के लंबे समय तक थम जाने के कारण किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं. जिले की अर्धापुर तहसील में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां पिछले करीब डेढ़ से दो महीने से पर्याप्त पानी न मिलने के कारण सोयाबीन और कपास की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. खेतों में भले ही फसलें ऊपर से खड़ी दिखाई दे रही हैं, लेकिन अंदर से फलियों में दाने न बनने के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

🥜 2. किसानों की अनोखी चुनौती, कहा- ‘खेत से एक किलो सोयाबीन निकालकर दिखाओ, क्विंटल भर काजू, बादाम और पिस्ता लो’

फसल की इस बदतर स्थिति को लेकर अब किसानों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है. किसानों का आरोप है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल कागजी दौरे और बैठकें कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई राहत नहीं मिल रही है. नाराज किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को चुनौती देते हुए यहां तक कह दिया कि पूरे खेत में से कोई भी अधिकारी एक किलो दानेदार सोयाबीन निकालकर दिखा दे, तो ग्रामीण इसके बदले उसे क्विंटल भर काजू, बादाम और पिस्ता देने को तैयार हैं.

🌾 3. दाभड़ गांव के किसान आत्माराम टेकाले का दर्द, कटाई का खर्च निकालना भी हुआ मुश्किल

अर्धापुर तहसील के दाभड़ गांव के किसान आत्माराम टेकाले ने अपनी सूखी सोयाबीन की फसल के बीच खड़े होकर अपना दर्द बयां किया. उन्होंने बताया कि बारिश न होने की वजह से फसल समय से पहले ही सूख गई है और खेती में लगाया गया शुरुआती खर्च निकलना भी अब असंभव लग रहा है. किसानों के सामने अब सबसे बड़ा संकट फसल की कटाई और मजदूरों की मजदूरी चुकाने का है, जिसके चलते उन्होंने प्रशासन से सिर्फ निरीक्षण के बजाय तत्काल प्रभाव से आर्थिक मदद और मुआवजा देने की मांग की है.

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