Logo
ब्रेकिंग
कर्नाटक के कोलार में 50 करोड़ की महाठगी का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड दंपति समेत 4 गिरफ्तार बैतूल में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस, कलेक्टर ने फहराया तिरंगा आने वाली पीढी को सच्चे इतिहास से परिचित कराना आवश्यक - खंडेलवाल, विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस पर परिज... क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,...
Header Ad

‘मंगल’ को बाजार में हुआ अमंगल, निवशकों के डूबे लाखों करोड़, ये है बड़े कारण

सोमवार की रैली के बाद 13 मई यानी मंगलवार को शेयर बाजार में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूब गए. जहां सोमवार को सेंसेक्स 2,975 अंक यानी 3.74% चढ़कर 82,429.90 पर बंद हुआ वहीं निफ्टी 916.70 अंक यानी 3.82% चढ़कर 24,924.70 पर बंद हुआ था. वहीं इसके उल्ट आज सेंसेक्स 1281 अंक यानी 1.55% प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ. वहीं निफ्टी में 333 अंक यानी 1.34% की गिरावट देखने को मिली. इस गिरावट के चलते शेयर बाजार में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूब गए. भारत के स्टॉक मार्केट में इस गिरावट के पीछे 4 प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं जिनके बारे में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं.

सोमवार को निवेशकों ने कमाए थे इतने लाख करोड़

सोमवार को शेयर बाजार पर भारत-पाकिस्तान के सीजफायर का पॉजिटिव असर दिखाई दिया था. जिसके चलते सेंसेक्स 2,975 अंक और निफ्टी में 916 अंक की चढ़े थे, जिसके चलते निवेशकों ने शेयर बाजार में 16.15 लाख करोड़ रुपए कमाएं थे. आपको बता दें सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने पिछले 5 महीनों में पहली बार क्रमश: 82,429 अंक और 24,924 के अंक पर पहुंचा था.

ट्रंप टैरिफ का असर

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत के ऊपर स्टील और एल्युमीनियम पर लगाए गए टैरिफ को बड़ी वजह माना जा रहा है. वहीं इस टैरिफ के विरोध में भारत जवाबी शुल्क के प्रस्ताव के साथ विश्व व्यापार संगठन (WTO) से संपर्क किया है. शेयर बाजार की ये बड़ी गिरावट दिखाती है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के बाद भी टैरिफ को लेकर चिंता बनी हुई हैं.

4% की तेजी के बाद मुनाफावसूली

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क में लगभग 4 फीसदी का उछाल आया था. ये तेजी मुख्य रूप से शॉर्ट कवरिंग के कारण हुआ, जिसके कारण खुदरा निवेशकों द्वारा मंगलवार को मुनाफावसूली की गई और इसी के चलते शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिली.

यूएस-चीन के बीच ट्रेड डील

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यूएस-चीन व्यापार सौदे का भारतीय शेयर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह ‘भारत बेचो, चीन खरीदो’ की कहानी को पुनर्जीवित कर सकता है और भारतीय इक्विटी से विदेशी निवेश बाहर जा सकता है. दूसरी और भारत और पाकिस्तान के बीच अभी पूर्ण शांति का ना होना भी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की वजह है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करने और पाकिस्तान को गलत हरकतों के खिलाफ चेतावनी देने के बाद, विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से भी कुछ जवाबी कार्रवाई हो सकती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.