
ओडिशा के पुरी में हर साल भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है. जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं. रथ को आज भी बिल्कुल पारंपरिक रूप से बनाया जाता है और इसे खींचने के लिए खास तरह से बनी रस्सियों का इस्तेमाल किया जाता है. इस दौरान पुरी के नजारे और वातावरण अद्भुत हो जाते हैं. ये यात्रा विश्वभर में प्रसिद्ध है. भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और छोटे भाई बालभद्र के साथ मौसी के यहां पहुंचते हैं, जिसे गुंडिचा मंदिर कहा जाता है. यहां पर उन्हें भगवान की तरह नहीं बल्कि बच्चों की तरह ट्रीट किया जाता है और पोड़ा पीठा ओडिशा की पारंपरिक मिठाई खिलाई जाती है. जगन्नाथ यात्रा में नहीं पहुंच पाए हैं तो घर पर ये मिठाई बनाकर आप भोग लगा सकते हैं.
पोड़ा पीठा एक तरह का केक होता है, जिसे बहुत ही धैर्य के साथ हल्की आंच पर पकाकर तैयार किया जाता है. ये खास राजा महोत्सव के मौके पर भी बनाया जाता है. पोड़ा का मतलब थोड़ा जला हुआ (इसका निचला हिस्सा थोड़ा सा जला हुआ होता है जो स्मोकी फ्लेवर देता है) और पीठा का मतलब होता है केक जैसा. चलिए इसे बनाने की ट्रेडिशनल रेसिपी जान लेते हैं.

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