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बाघिन ‘मौसी’ की ममता! 3 साल तक टी-28 ने मां की तरह पाले बहन के 3 बच्चे, ट्रेन दुर्घटना में मां की हुई थी मौत

मध्य प्रदेश में सीधी जिले के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व में एक मनमोहक नजारा देखने को मिला. टाइगर रिजर्व में मौसी के नाम से मशहूर बाघिन-T28 एक बार फिर से सुर्खियां बटोर रही है. गुरुवार सुबह करीब 10 बजे, बाघिन T28 का एक मनमोहक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में वह 6 शावकों के साथ खेलती हुई नजर आ रही है.

ये वही शावक हैं जिन्हें बाघिन ने दो महीने पहले जंगल में स्वतंत्र छोड़ दिया था. इन 6 शावकों में तीन T28 के बच्चे हैं, जबकि 3 शावक उसकी बहन T18 के अनाथ बच्चे हैं. 2022 में T28 की बहन T18 एक ट्रेन दुर्घटना की शिकार हो गई थी. इस दुर्घटना के बाद रेस्क्यू टीम ने T18 को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

इसके बाद T28 ही अपनी बहन के तीन अनाथ शावकों की देखरेख कर रही थी. वह पहले से ही अपने तीन शावकों की भी परवरिश कर रही थी. हालांकि, अब उसे अपनी बहन के तीन और शावकों की जिम्मेदारी को भी उठाना था. उसने उन्हें न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें जंगल में शिकार से लेकर प्रकृति के इस दुर्लभ घर में जीने का भी हुनर सिखाया.

बाकियों से कैसे अलग है T28?

संजय दुबरी टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक राजेश कन्ना ने बताया कि बाघ आमतौर पर अन्य किसी बाघ के बच्चों को ज्यादा दिन तक नहीं पालते, लेकिन T28 ने एक अनोखा उदाहरण पेश किया है. T28 ने दिखाया कि बाघों के भीतर भी ममता होती है और वे भी अपने संबंध को महत्व देते हैं.

बाघिन के कई और नाम

T28 बाघिन ने बाघों के व्यवहार के इतर जाकर अपनी बहन के तीन शावकों को पाला और उन्हें जंगल में रहने के योग्य बनाया. यही वजह है कि T28 बाघिन को मौसी, सुपर मॉम और आइकॉनिक मॉम जैसे नामों से जाना जाने लगा है.

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