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पति ने पत्नी को खिला दी ऐसी दवाई, रोते-बिलखते थाने पहुंची, बोली- उसने मेरे साथ…

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गर्भवती महिला को उसके पति और ससुरालियों ने जबरन गर्भपात करा दिया. उसे पीटा गया और बच्चा गिराने की दवा खिला दी. उसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई. उसने जब जांच कराई तो पता चला उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है. महिला ने इसकी शिकायत पुलिस से की. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है.

मामला सदर कोतवाली इलाके का है. यहां की रहने वाली एक महिला की शादी बिरनो थाना क्षेत्र के रहने वाले आशीष कुमार पांडे के साथ साल 2023 में हिंदू रीति रिवाज केअनुसार संपन्न हुई थी. शादी के बाद दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी रह रहे थे. इस दौरान विवाहिता गर्भवती हुई. उसके गर्भ में एक बच्चा पल रहा था. इस खुशी की जानकारी जब वह अपने पति और सास ससुर को दिया तो वह लोग खुशी के जगह पर काफी नाराज हुए.

पति को नहीं चाहिए था बच्चा

पत्नी का आरोप है कि उसके पति को अभी बच्चा नहीं चाहिए था, जिसको लेकर वह बार-बार अबॉर्शन करने की बात कर रहा था, लेकिन विवाहिता अपने बच्चों को मारना नहीं चाहती थी. विवाहित महिला परीक्षा की तैयारी करने के लिए गाजीपुर शहर में ही एक कमरा लेकर रहने लगी. यह बात भी उनके पति और परिवार के अन्य लोगों को नागवार लगा. 20 फरवरी को विवाहिता के कमरे पर उसका पति, सास-ससुर और एक अन्य व्यक्ति पहुंचे. उन्होंने उससे बच्चे को गिराने के लिए दवा खाने या फिर डॉक्टर के पास जाकर अबॉर्शन करने का दबाव दिया.

जबरन खिला दी दवा

पीड़िता ने सभी लोगों की बातों को दरकिनार किया. इसके बाद सभी नाराज हुए और उसका पति उसके पेट में जोर-जोर से मारने लगा. सभी ने मिलकर उसे दवा खिला दिया. फिर उसे उसी कमरे पर तड़पता हुआ छोड़कर चले गए. इस घटना के बाद विवाहिता अपने परिवार वालों के साथ वाराणसी के एक निजी अस्पताल पहुंचे. पीड़िता ने अपना इलाज कराया तो पता चला कि उसके पति और परिवार के लोगों के द्वारा दवा खिलाने और मारपीट करने की वजह से उसका बच्चा उसके पेट में ही मर चुका है.

अबॉर्शन कर बचाई जान

इसके बाद डॉक्टर विवाहिता का अबॉर्शन कर उसकी जान बचाई. कुछ समय के बाद विवाहित स्वस्थ होने के बाद अपने पति और सास ससुर के साथ ही परिवार वालों के इस कृत्य को लेकर गाजीपुर कोतवाली पहुंची. उसने अपने पति सहित अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दिया. जिसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 89 और 115 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई करनी शुरू कर दिया.

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