Logo
ब्रेकिंग
दुबई से पति को तलाशते हुए सतना पहुंची महिला: महिला थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत 🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबि... Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंग... Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भ... NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट Jashpur News: 850 साल पुराने रियासतकालीन बालाजी मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, राजपरिवार ने झु... CGPSC State Service Exam: कम अभ्यर्थियों के चयन पर सीजीपीएससी का स्पष्टीकरण, 21 सितंबर से साक्षात्का... रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम... रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति ...
Header Ad

एटा के करोड़पति रहे बुजुर्ग की लावारिस मौत: परिवार ने शव लेने से किया इनकार, ‘रक्तदाता समूह’ ने किया अंतिम संस्कार

एटा (उत्तर प्रदेश): पैसों का विवाद और रिश्तों की बेरुखी किस प्रकार इंसान को जीवन के अंतिम पड़ाव में बेसहारा छोड़ देती है, इसका एक दुखद मामला एटा जिले से सामने आया है। कभी तीन से चार करोड़ रुपये की संपत्ति और बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार के मालिक रहे 70 वर्षीय राजकुमार सक्सेना का शनिवार को सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान निधन हो गया। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद उनका शव सैफई मोर्चरी में 72 घंटे तक लावारिस पड़ा रहा, क्योंकि परिजनों ने शव लेने और अंतिम संस्कार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया।

📉 20 साल पहले कारोबार में घाटा और संपत्ति विवाद, परिवार ने छोड़ दिया था साथ

एटा के मारहरा क्षेत्र के निवासी राजकुमार सक्सेना की दो दशक पूर्व इलाके में अच्छी प्रतिष्ठा थी। उनके पास करोड़ों की चल-अचल संपत्ति और इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रतिष्ठित दुकान थी। कारोबार में नुकसान के बाद परिवार में कलह शुरू हो गई। राजकुमार द्वारा संपत्ति में हिस्सा न दिए जाने से क्षुब्ध होकर उनकी पत्नी आशा अपने चारों बच्चों को लेकर गाजियाबाद के नंदग्राम में बस गईं और उनसे सभी संबंध समाप्त कर लिए।

🏚️ करोड़ों की संपत्ति बेचकर हुए कर्जदार, 5 वर्षों से वृद्धाश्रम में काट रहे थे जिंदगी

अकेले पड़े राजकुमार ने समय के साथ अपनी पूरी संपत्ति बेच दी और जीवनयापन के लिए परिचितों से कर्ज लेने लगे, जिससे उन पर लाखों रुपये का कर्ज चढ़ गया। पिछले 5 वर्षों से वे एटा के एक वृद्धाश्रम में रह रहे थे। 16 जुलाई को गंभीर रूप से अस्वस्थ होने पर वृद्धाश्रम प्रबंधन ने उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान 11 अगस्त को उनका देहांत हो गया।

📞 बेटे ने शव लेने से किया इनकार, गाजियाबाद स्थित आवास पर लटका मिला ताला

अस्पताल प्रशासन और ‘रक्तदाता समूह’ ने जब मृतक के बेटे से फोन पर संपर्क किया, तो उसने पिता का शव लेने और अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि उनका संबंध 20 वर्ष पूर्व ही समाप्त हो चुका था। रक्तदाता समूह की टीम जब परिजनों को समझाने गाजियाबाद स्थित उनके पते पर पहुंची, तो मकान पर ताला बंद मिला।

🕊️ ‘रक्तदाता समूह’ ने निभाया मानवीय दायित्व, यमुना तट पर कराया अंतिम संस्कार

मोर्चरी में निर्धारित 72 घंटे की अवधि समाप्त होने के उपरांत सैफई थाना पुलिस के समन्वय से ‘रक्तदाता समूह’ के सदस्य आगे आए। शरद तिवारी और उनकी टीम ने वृद्ध के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक यमुना तट ले जाकर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विधि-विधान से मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार संपन्न कराया।

Comments are closed.