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Saharanpur News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला 6 बुलडोजर, सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट; जिले में हाई अलर्ट

सहारनपुर/शामली (उत्तर प्रदेश): सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर शनिवार तड़के शुरू हुई प्रशासनिक ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को पुलिस ने देर रात उनके आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया।

सांसद इकरा हसन विवादित स्थल पर पहुंचने की तैयारी में थीं, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए प्रशासन ने उनके आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के भी सहारनपुर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है और कई नेताओं के आवास के बाहर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।

🚜 कलेक्ट्रेट परिसर में तड़के 4 बजे चला बुलडोजर: 6 मशीनों से मस्जिद का ढांचा जमींदोज

कार्रवाई का घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति:

  • तड़के शुरू हुआ एक्शन: शुक्रवार रात से ही शहर में कलेक्ट्रेट मस्जिद को हटाए जाने की चर्चाएं जोरों पर थीं। शनिवार तड़के करीब 4 बजे प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में 6 बुलडोजर कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हुए और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

  • सुबह तक गिराया गया हिस्सा: सुबह होते-होते मस्जिद के एक बड़े हिस्से को जमींदोज कर दिया गया और पूरे ढांचे को हटाने का काम तेज गति से जारी रहा।

  • कलेक्ट्रेट के पांचों गेट बंद: सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के सभी पांचों प्रवेश द्वारों को पूरी तरह सील कर दिया गया और किसी भी बाहरी व्यक्ति या नेता को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

🛡️ पूरे सहारनपुर जिले में हाई अलर्ट: चप्पे-चप्पे पर PAC, RRF और दमकल की गाड़ियां तैनात

सुरक्षा व्यवस्था और एहतियाती कदम:

  • अर्धसैनिक बलों का पहरा: किसी भी प्रकार के तनाव या विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RRF) की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

  • नेताओं को गेट पर रोका: सपा विधायक आशु मलिक और सपा एमएलसी शाहनवाज खान समेत कई जनप्रतिनिधि रात में कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया।

  • अधिकारियों से वार्ता: देर रात नेताओं ने जिलाधिकारी अरविंद चौहान से मुलाकात कर स्थिति पर चर्चा की थी। वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देर रात सोशल मीडिया पर लाइव आकर शांति बनाए रखने और प्रशासनिक रवैये पर अपनी बात रखी।

⚖️ 2 सितंबर को जिला जज ने खारिज की थी अपील: 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति भी तय

कानूनी विवाद और अदालती फैसले की पृष्ठभूमि:

  • सिटी मजिस्ट्रेट का आदेश: 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने विवादित भूमि को सरकारी संपत्ति करार देते हुए मस्जिद को अवैध निर्माण माना था और 30 दिन में खाली करने का आदेश दिया था। साथ ही ₹6,41,65,565 का हर्जाना भी लगाया था।

  • जिला अदालत में चुनौती: इस आदेश के विरुद्ध मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत में अपील दाखिल की, जहां कुल 17 तारीखों पर गहन सुनवाई हुई।

  • 2 सितंबर को फैसला: जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने 2 सितंबर 2026 को मस्जिद पक्ष की अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के बेदखली व ध्वस्तीकरण आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा था।

📜 150 साल पुरानी मस्जिद होने का दावा: साक्ष्य न मिलने पर कोर्ट ने नहीं दी राहत

मस्जिद पक्ष की दलीलें:

  • वक्फ संपत्ति का तर्क: मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि यह संपत्ति वक्फ के अंतर्गत आती है और यहां करीब 150 वर्षों से नमाज अदा की जा रही है।

  • दस्तावेजी साक्ष्यों का अभाव: अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस दावे के समर्थन में पुख्ता और वैध राजस्व दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके, जिसके चलते याचिका खारिज कर दी गई।

📍 2025 में बजरंग दल की शिकायत से शुरू हुआ था विवाद: डेढ़ साल की सुनवाई के बाद एक्शन

मामले की कानूनी समयरेखा:

  • मार्च 2025 में शिकायत: कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के निर्माण को लेकर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 24 मार्च 2025 को लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत मुकदमा शुरू हुआ था।

  • फैसले के दो दिन बाद कार्रवाई: जिला अदालत से अपील खारिज होने के ठीक दो दिन बाद प्रशासन ने सुरक्षा घेरा मजबूत करते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण पूरा किया। वर्तमान में शहर भर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त जारी है।

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