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पंजाब में 16 घंटे की सख्त पाबंदी, शाम 6 से सुबह 10 बजे तक लागू नियम

बठिंडा : डी.सी. ने आगामी धान सीजन के मद्देनजर कंबाइन मालिकों, आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों, खरीद एजैंसियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों से बैठक की, जिसमें उन्होंने बताया कि जिले में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक धान की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि फसल में नमी की मात्रा न बढ़े और मंडियों में धान की फसल लाने वाले किसानों को कोई परेशानी न हो।

उन्होंने बताया कि सरकार ने धान की फसल की खरीद के लिए नमी की मात्रा 17 प्रतिशत निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि कई किसान शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे के बीच अपनी धान की फसल की कटाई करवाते हैं, जिससे फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके कारण मंडियों में धान की फसल की खरीद के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डिप्टी कमिश्नर ने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की अनाज मंडियों के गेटों पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाला धान मंडियों में न आने पाए। उन्होंने कंबाइन मालिकों को निर्देश दिए कि यदि शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन चलाई गई तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने न केवल कंबाइन मालिकों, आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों और खरीद एजैंसियों की समस्याएं सुनीं, बल्कि धान सीजन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए उनसे आवश्यक सुझाव भी लिए। डी.सी. ने जिले के किसानों से अपील की कि धान की पराली को न जलाएं, बल्कि उसे जमीन में ही मिलाएं, क्योंकि इससे न केवल भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी, बल्कि फसल की पैदावार भी बढ़ेगी। इस अवसर पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक डॉ. रविंदर कौर, कंबाइन मालिक, आढ़ती, ट्रांसपोर्टर, खरीद एजैंसियों के प्रतिनिधियों के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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