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हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए 11 सितंबर का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। पंडोह-टकोली खंड (NH-03) की दो अहम सुरंगें- देवड़ और हनोगी, यातायात के लिए खोल दी गई हैं।

इन दोनों सुरंगों के शुरू होने से कुल्लू-मनाली और आगे लेह-लद्दाख जाने वाले यात्रियों को न केवल बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि पर्यटन सीजन में लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। पंडोह से टकोली के बीच का इलाका पहाड़ी और संवेदनशील सड़क मार्गों में शामिल है। पर्यटन सीजन में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से जोगनी माता मंदिर, देवड़ और हनोगी के आसपास ट्रैफिक का भारी दबाव रहता था, जिससे 1 से 2 घंटे तक जाम लगना आम बात थी।

🚗 दो नई सुरंगों से क्या बदलेगा: 6 किलोमीटर की दूरी घटकर 3.5 किलोमीटर में सिमटी

अब देवड़ और हनोगी सुरंगों के शुरू होने से वाहनों को पहाड़ी सड़क के उन संकरे हिस्सों से गुजरने की जरूरत कम होगी।

पहली देवड़ सुरंग करीब 2.8 किलोमीटर लंबी है, जबकि दूसरी हनोगी सुरंग की लंबाई करीब 650 मीटर है। इन दोनों के सुचारू संचालन से प्रभावित सड़क क्षेत्र की दूरी लगभग 6 किलोमीटर से घटकर 3.5 किलोमीटर रह जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाहन अपेक्षाकृत तेज और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेंगे, जिससे सामान्य ट्रैफिक परिस्थितियों में यात्रियों का काफी समय बचेगा।

⏱️ मंडी से कुल्लू का सफर हुआ आधा: 2 घंटे की जगह लगेंगे सिर्फ 60 मिनट

इन सुरंगों के शुरू होने के बाद मंडी से कुल्लू के बीच यात्रा समय में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

पहले जहां इस कठिन सफर में करीब 2 घंटे का समय लगता था, वहीं अब इसे लगभग 60 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, मौसम और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा, लेकिन कठिन पहाड़ी हिस्सों से बचने के कारण समय की भारी बचत निश्चित है।

🌄 पर्यटन सीजन में मिलेगा सबसे बड़ा फायदा: ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात

कुल्लू-मनाली हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शुमार हैं। गर्मियों और सर्दियों के पर्यटन सीजन के अलावा लंबी छुट्टियों के दौरान यहां वाहनों का भारी जमावड़ा लगता है।

देवड़ और हनोगी सुरंगों के खुलने से इस दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। पर्यटकों के लिए अब सफर ज्यादा सुगम और सुरक्षित होगा, जबकि स्थानीय लोगों को भी रोजाना आने-जाने में भारी राहत मिलेगी।

💰 4,465 करोड़ के प्रोजेक्ट का है अहम हिस्सा: नितिन गडकरी ने दी बधाई

ये दोनों नव-निर्मित सुरंगें ‘पंडोह बाइपास-टकोली फोरलेनिंग प्रोजेक्ट’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 4,465.94 करोड़ रुपये है और करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का निर्माण ‘हाइब्रिड एन्युटी मोड’ के तहत किया जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इन सुरंगों के खुलने की जानकारी साझा करते हुए इसे हिमाचल की सड़क कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। कुल मिलाकर, देवड़ और हनोगी सुरंगें हिमाचल के पर्यटन कॉरिडोर को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं।

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