Logo
ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: 'कमजोर कड़ी' से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक; 2012 से 2026 के बीच कैसे बदली भारत की तस्वी... 9/11 आतंकी हमले के 25 साल पूरे: पीएम नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF... हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू Neem Karoli Baba Film: नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ की बंपर सफलता, स्वामी कैलाशनंद गिरी से मिल... MP Politics News: 'विकास के लिए आस्था से समझौता न हो', उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान ... महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे...
Header Ad

पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का शिकंजा, BDPO कार्यालय का अधीक्षक गिरफ्तार

अमृतसर : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वी.बी.) ने ब्लॉक विकास और पंचायत कार्यालय (बी.डी.पी.ओ.), वेरका ब्लॉक, रानी-का-बाग, अमृतसर के अधीक्षक सतनाम सिंह को 60 हजार रुपए रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। जिला अमृतसर के निवासी ने मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई लाइन में शिकायत की थी।

विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत में कहा गया है कि उसने बी.डी.पी.ओ. वेरका लखविंदर कौर को शिकायत दी थी कि उसके पड़ोसी गुरविंदर सिंह ने उसके घर के रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है। बी.डी.पी.ओ. ने मामले को अधीक्षक को दिया था, जिन्होंने आगे जूनियर इंजीनियर मोहित कुमार व पंचायत सचिव अशोक कुमार को फॉरवर्ड किया। जांच में पता चला है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण वास्तविक था, जिसके चलते 3,284 रुपए का जुर्माना लगाया गया। बार-बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमणकारी ने इसका पालन नहीं किया, जिसके चलते बी.डी.पी.ओ. कार्यालय ने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए पुलिस सहायता का अनुरोध किया। हालांकि, उचित कानूनी कार्रवाई करने के बजाय अधीक्षक सतनाम सिंह ने आगे की कार्रवाई को आसान बनाने के लिए 50 हजार रुपए मांगे और शिकायतकर्त्ता को 20 हजार एडवांस भुगतान करने को कहा।

शिकायतकर्त्ता ने सतनाम सिंह के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पुलिस की मदद से अवैध खंभों को हटा दिया गया। गांव की नाली को अवरुद्ध करने वाले पड़ोसी द्वारा प्रतिशोध के कारण शिकायतकर्त्ता ने फिर से आरोपी से संपर्क किया। इस पर सतनाम सिंह ने शिकायतकर्त्ता से रिश्वत के बारे में चुप रहने को कहा। विजिलैंस ब्यूरो ने जांच के बाद सतनाम सिंह के खिलाफ वी.बी. पुलिस स्टेशन, रेंज अमृतसर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। प्रवक्ता ने कहा कि बी.डी.पी.ओ. लखविंदर कौर की भूमिका जांच के दायरे में है और जांच की जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.