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दिव्यांग विवाह समारोह में व्हील चेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग

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राजस्थान के उदयपुर में नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित दिव्यांग विवाह समारोह में कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे. इनमें से एक जोड़ा ऐसा था, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया. समारोह में पहुंचे दूल्हे और दुल्हन दोनों पोलियों ग्रसित थे और दोनों ने जब 51 जोड़ों सहित एक साथ फेरे लिए तो सभी उस दृश्य को देखते रहे. जोड़े ने जब सात फेरे और अन्य रस्मे पूरी कीं तो वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए. इस समारोह में कुल 51 जोड़ों शादी के बंधन में बंधे.

यूपी के मुरादाबाद की रहने निकिता सहदेव जिसके दोनों पैर पोलियो से ग्रसित हैं. वहीं देवेंद्र ने निकिता से शादी करके सभी को चौंका दिया. देवेंद्र का एक पैर पोलियो ग्रसित है. दोनों ने सामूहिक विवाह में सात फेरे लिए और शादी के बंधन में बंध गए. निकिता का जन्म मुरादाबाद में हुआ.

निकिता ने बताई आपबीती

निकिता ने बताया कि पिता वीरेश सहदेव और माता प्रवेश देवी उसके जन्म से काफी खुश थे. एक भाई व दो बहनों सहित परिवार में कुल पांच लोग हैं. पिता मजदूर करके परिवार को पाल रहे हैं. तीन साल की उम्र में बुखार से ग्रस्त हुई और उपचार के दौरान ही उसके दोनों पैर को पोलियो ने चपेट में ले लिया. कुछ समय तक पता नहीं चला कि हुआ क्या है, उठना-बैठना कम हो रहा था. पांव कमजोर होते जा रहे थे. डाक्टरों ने कहीं इसे लाइलाज बताया तो, किसी अस्पताल का खर्च इतना था कि वहन कर पाना परिवार के लिए मुश्किल है.

माता-पिता को मिलते थे ताने

निकिता ने आगे बताया कि उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में आसमानता बढ़ रही थी. इस हालत से आसपास के लोगों की उपेक्षा और तानों से माता-पिता का दिल छलनी कर दिया था. 2017 में परिवार को नारायण सेवा संस्थान से निःशुल्क इलाज करवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच कर दोनों पांवों का बारी-बारी ऑपरेशन किया और बाद में विशेष कैलिपर्स तैयार करवाए और संस्थान में ही सिलाई का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के बाद काम करने लग गई.

एक दूसरे को चुना जीवन साथी

इस दौरान निकिता ने बताया कि उसकी मुलाकात एमपी के सागर निवासी देवेंद्र से हुई जो खुद एक पांव से पोलियो ग्रस्त हैं. ऑपरेशन और प्रशिक्षण के बाद 7 वर्ष से सिलाई केंद्र में काम कर रहे हैं. निकेता ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान की पहल और समर्थन से दोनों की शादी सामूहिक विवाह समारोहमें हुई.

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