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उज्जैन महाकाल मंदिर में अब ‘नो कैश’, 8 अक्टूबर से तीन आरती का टाइम बदला

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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। भक्तगण अब मंदिर में दान देने और लड्डू प्रसाद खरीदने के लिए क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं। यह डिजिटल भुगतान की सुविधा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुरू की गई है। इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं।

प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार श्रद्धालु मंदिर परिसर में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके दान राशि (भेंट) और लड्डू प्रसाद का भुगतान सीधे अपने बैंक खाते से कर सकते हैं। ये क्यूआर कोड मंदिर के दान काउंटरों, लड्डू प्रसाद काउंटरों और मंदिर परिसर में अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। आप किसी भी यूपीआइ आधारित पेमेंट ऐप जैसे कि गूगल पे, फोन-पे, पेटीएम आदि का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। लड्डू प्रसाद 400 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध है और त्योहारों पर अतिरिक्त काउंटर लगाए जाते हैं।

महाकाल में सबसे पहले मनाएंगे शरद पूर्णिमा

ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर के आंगन में 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा धूमधाम से मनाई जाएगी। मंदिर प्रबंध समिति भगवान को मेवा युक्त खीर का भोग लगाएगी और संध्या आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

एक ही दिन निकलेगी बाबा की दो सवारी

महाकाल बाबा एक ही दिन में दो-दो बार दर्शन देने नगर भ्रमण करेंगे। इस बार कार्तिक मास में 3 नवंबर को वर्षों बाद यह संयोग बनने जा रहा है। पहली सवारी कार्तिक माह की होगी, जो शाम 4 बजे परंपरागत मार्ग से निकलेगी, जबकि दूसरी सवारी रात में हरिहर भेंट के लिए गोपाल मंदिर तक जाएगी, यह रात्रि 11 बजे महाकाल मंदिर से शुरू होगी।

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