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आधे दाम में करती थी 10 लाख का हेयर ट्रांसप्लांट, मरीज की मौत के बाद डॉक्टर अनुष्का फरार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट की वजह से दो मौतों का मामला सामने आया है. दोनों ही मामलों में क्लीनिक, डॉक्टर और परिणाम बिल्कुल एक तरह के है. इस मामले में खुद को डॉक्टर बताने वाली महिला अनुष्का तिवारी फरार है और लाख कोशिशों के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. पीड़ित पक्षों का कहना है कि अनुष्का आधे दाम में हेयर ट्रांसप्लांट का लालच देकर ग्राहक को बुलाती थी. फिलहाल पुलिस भी अनुष्का तिवारी की खोज में लगी हुई है.

कानपुर के विनीत दुबे और फर्रुखाबाद के मयंक ने कानपुर में रहने वाली और खुद को डॉक्टर बताने वाली अनुष्का तिवारी से हेयर ट्रांसप्लांट करवाया था. अनुष्का का एम्पायर क्लिनिक के नाम से कानपुर में क्लीनिक था और आरोप है कि यहीं पर अनुष्का हेयर ट्रांसप्लांट करवाया करती थी. पीड़ित पक्ष की तरफ से अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार हेयर ट्रांसप्लांट का खर्चा तकरीबन दस से बीस लाख रुपए आता है. लेकिन अनुष्का तिवारी इसके आधे दाम में हेयर ट्रांसप्लांट कराने का दावा करती थी. इसी वजह से उनके पास मरीजों की लाइन लगती थी.

सीएमओ ने दी लोगों को ये सलाह

वहीं दूसरी तरफ शहर के सीएमओ हरिदत्त नेमी का कहना है कि हेयर ट्रांसप्लांट करने का अधिकार सिर्फ डर्मेटोलॉजिस्ट को है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति हेयर ट्रांसप्लांट नहीं कर सकता है. इसके बावजूद कई झोलाछाप लोग अपने को डॉक्टर बताकर हेयर ट्रांसप्लांट का काम करते है. सीएमओ के अनुसार किसी को ऐसे झोलाछाप के लालच में नहीं पड़ना चाहिए. हालांकि हेयर ट्रांसप्लांट मामले की जांच सीएमओ के पास है और जल्द ही उसमें रिपोर्ट दाखिल कर दी जाएगी.

मृतक के परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

दूसरी तरफ मयंक के परिजन मुकदमा लिखने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मयंक की मौत के समय पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था लेकिन उनको न्याय चाहिए. उन्होंने दावा किया है कि उनके पास काफी सबूत हैं जो यह साबित कर सकते हैं कि मयंक की मौत हेयर ट्रांसप्लांट की वजह से हुई है.

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