Logo
ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... भारत के रणनीतिक 'चिकन नेक' गलियारे में बिछेगी चौथी रेल लाइन, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को मिली बड़ी मंजू... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह...
Header Ad

अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध हटे, UNICEF की तालिबान से अपील

यूनिसेफ ने तालिबान से अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध हटाने की अपील की है. यूनिसेफ ने यह अपील ऐसे समय में की है जब अफगानिस्तान में नया एकेडमिक ईयर शुरू हुआ है. एजेंसी ने कहा कि इस प्रतिबंध के कारण 4 लाख और लड़कियां शिक्षा के अधिकार से वंचित हो गई हैं. इसी के साथ ऐसी लड़कियों की कुल संख्या 22 लाख हो गई है जो छठी कक्षा के बाद पढ़ नहीं सकीं.

यूनिसेफ ने अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की अपील की है ताकि उन लाखों लड़कियों का भविष्य बचाया जा सके जो 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से शिक्षा के अधिकार से वंचित हैं. एजेंसी ने कहा कि उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से लाखों अफगान लड़कियों के भविष्य को नुकसान पहुंचेगा.

इसके विनाशकारी परिणाम होंगे- UNICEF

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने एक बयान में कहा कि तीन साल से अधिक समय से अफगानिस्तान में लड़कियों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है. सभी लड़कियों को अब स्कूल लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए. अगर इन प्रतिभाशाली लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा जाता रहा तो इसके परिणाम कई पीढ़ियों तक रहेंगे.

उन्होंने कहा कि यदि प्रतिबंध 2030 तक जारी रहता है, तो 40 लाख से अधिक लड़कियां प्राथमिक स्कूल से आगे की शिक्षा के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगी. इसके विनाशकारी परिणाम होंगे. अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां लड़कियों की माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध है. तालिबान का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था शरिया या इस्लामी कानून के अनुरूप नहीं है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.