Logo
ब्रेकिंग
BSF Attari Border News: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का नया शेड्यूल जारी; शाम 5:30 बजे शुरू होगी पर... Batala Viral Video: गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व में ट्रैक्टर स्टंट पड़ा भारी; तेज रफ्तार में पलटा... Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सु... Amritsar Flooding Alert: तरनतारन रोड के पास नहर टूटने से मचा हड़कंप; मिट्टी की बोरियों से दरार भरने ... Punjab Gold Silver Price Today: पंजाब में उछले सोना-चांदी के दाम; जालंधर में 24 कैरेट सोना ₹1.58 लाख... Ferozepur Central Jail: केंद्रीय जेल फिरोजपुर में फिर चला तलाशी अभियान; 10 और मोबाइल फोन बरामद, कैदि... Etah Fake University Scam: एटा में चायवाले के नाम पर चल रही थी फर्जी यूनिवर्सिटी; भेद खुला तो प्रिंस... Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नब... Durg News Today: फेसबुक पोस्ट पर बवाल; भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजयुमो नेता पर FIR और गिरफ्ता... Agra Mahakumbh Ambikapur: सीएम विष्णु देव साय ने किया 'अग्र महाकुंभ 2026' का शुभारंभ; अग्रवाल समाज क...
Header Ad

भूकंप के झटकों से थर्राया अफगानिस्तान, कश्मीर तक कांपी धरती; रिक्टर पैमाने पर 5.9 रही तीव्रता

अफगानिस्तान के तजाकिस्तान बॉर्डर के पास की धरती शनिवार सुबह भूकंप के झटकों से कांप उठी. भूकंप के तेज झटकों ने इलाके में दहशत फैला दी. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई. इसका असर सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तरी भारत के जम्मू-कश्मीर तक झटके महसूस किए गए. सुबह-सुबह धरती हिलते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

European Mediterranean Seismological Centre (EMSC) के अनुसार, यह भूकंप शनिवार, 19 अप्रैल 2025 को सुबह 6 बजकर 47 मिनट और 55 सेकंड (UTC समयानुसार) पर आया. इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र पर था. भूकंप की गहराई करीब 86 किलोमीटर मापी गई, जो इसे एक मध्यम-गहराई वाला भूकंप बनाती है.

पहाड़ी इलाका रहा भूकंप का केंद्र

भूकंप की वजह से अफगानिस्तान के बदख्शान और आसपास के इलाकों में झटके अधिक तीव्रता से महसूस किए गए. हालांकि अब तक किसी जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में लोगों के घरों से बाहर भागने और डर के माहौल की खबरें सामने आ रही हैं. भूकंप का केंद्रवर्ती क्षेत्र काफी पहाड़ी और कठिन भूगोल वाला है, जिससे वहां राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन्स में चुनौती आ सकती है.

जम्मू कश्मीर महसूस किए गए झटके

भारत के जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. श्रीनगर, बारामूला और अनंतनाग जैसे इलाकों में सुबह-सुबह धरती हिलते ही लोग सहम गए और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए. स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है. मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (NDMA) स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

भयानक तबाही की आशंका कम

गौरतलब है कि यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है. हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों की हलचल अक्सर भूकंप का कारण बनती है. विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि भूकंप की गहराई 86 किलोमीटर थी, इसलिए इसका असर दूर-दराज के इलाकों में भी महसूस किया गया, लेकिन इससे सतह पर भारी तबाही की आशंका कम रहती है. फिर भी प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.